जोबी फ़रकानारा में NSS शिविर के दौरान बाल संरक्षण, पॉक्सो एक्ट और नशा मुक्ति पर जागरूकता कार्यक्रम

फ़रकानारा में NSS शिविर के दौरान बाल संरक्षण, पॉक्सो एक्ट और नशा मुक्ति पर जागरूकता कार्यक्रम

जोबी | फ़रकानारा भारत सरकार के उपक्रम राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के अंतर्गत जोबी पुलिस चौकी क्षेत्र के ग्राम फ़रकानारा में शासकीय महात्मा गांधी महाविद्यालय, खरसिया द्वारा आयोजित सात दिवसीय राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर के दूसरे दिन एक अत्यंत महत्वपूर्ण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम दोपहर 2 बजे से 4 बजे तक संपन्न हुआ।

कार्यक्रम में पुलिस अनुविभागीय अधिकारी (SDOP) खरसिया प्रभात पटेल मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। साथ ही जोबी पुलिस चौकी प्रभारी लक्ष्मी नारायण राठौर, महाविद्यालय के प्राचार्य एवं एनएसएस प्रभारी, एनएसएस स्वयंसेवक, स्कूली बच्चे एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

SDOP प्रभात पटेल का विस्तृत भाषण बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि

एसडीओपी प्रभात पटेल ने अपने संबोधन में कहा कि“पॉक्सो एक्ट यानी लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम बच्चों की सुरक्षा के लिए बनाया गया एक सख्त और प्रभावी कानून है। 18 वर्ष से कम उम्र के किसी भी बच्चे के साथ होने वाला लैंगिक अपराध गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।”उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बच्चों के साथ होने वाले अपराध अक्सर डर, शर्म या सामाजिक दबाव के कारण सामने नहीं आ पाते, जो अपराधियों को और मजबूत करता है।“अगर समय रहते शिकायत दर्ज हो जाए, तो पीड़ित बच्चे को न्याय और सुरक्षा दोनों मिल सकती है।”एसडीओपी पटेल ने बच्चों, अभिभावकों और शिक्षकों को समझाते हुए कहा किबच्चों को अच्छे–बुरे स्पर्श की जानकारी देना बेहद जरूरी है किसी भी संदिग्ध व्यवहार को नजरअंदाज न करें,पुलिस और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 जैसी सुविधाएं हमेशा मदद के लिए उपलब्ध हैं ,उन्होंने यह भी कहा कि पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध साबित होने पर कठोर सजा का प्रावधान है, जिससे अपराधियों में डर और समाज में सुरक्षा का माहौल बनता है।

साइबर ठगी पर SDOP की चेतावनी एसडीओपी प्रभात पटेल ने साइबर अपराधों पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि“आज के डिजिटल युग में मोबाइल और इंटरनेट जितने उपयोगी हैं, उतने ही खतरनाक भी हैं यदि सावधानी न बरती जाए।”उन्होंने छात्रों और ग्रामीणों को बताया कि अनजान कॉल, लिंक या OTP साझा न करें,सोशल मीडिया पर निजी जानकारी सार्वजनिक न करें,किसी भी ऑनलाइन धोखाधड़ी की तुरंत पुलिस को सूचना दें,उन्होंने कहा कि सतर्क नागरिक ही साइबर अपराध को रोक सकता है।

जोबी चौकी प्रभारी लक्ष्मी नारायण राठौर का वक्तव्य – नशा समाज का सबसे बड़ा दुश्मन कार्यक्रम में जोबी चौकी प्रभारी लक्ष्मी नारायण राठौर ने युवाओं को नशे के खिलाफ जागरूक करते हुए कहा कि“नशा केवल शरीर को नहीं, बल्कि सोच, भविष्य और पूरे परिवार को बर्बाद कर देता है।”उन्होंने कहा कि नशे की शुरुआत अक्सर शौक या दबाव में होती है, लेकिन धीरे-धीरे यह अपराध, हिंसा और पारिवारिक टूटन का कारण बनती है।“आज के युवा अगर ठान लें कि नशे से दूरी बनाएंगे, तो समाज अपने आप सुरक्षित हो जाएगा।”राठौर ने युवाओं से अपील की कि वे नशा करने वालों को रोकें,अपने दोस्तों और परिवार को भी जागरूक करें,किसी भी अवैध नशे के कारोबार की जानकारी पुलिस को दें,उन्होंने कहा कि पुलिस केवल कार्रवाई नहीं, बल्कि समाज के साथ मिलकर सुधार की दिशा में काम करना चाहती है।

NSS शिविर का उद्देश्य महात्मा गांधी महाविद्यालय, खरसिया द्वारा आयोजित यह सात दिवसीय एनएसएस शिविर युवाओं को सामाजिक जिम्मेदारियों से जोड़ने का प्रयास है। शिविर का मुख्य विषय – “नशे के खिलाफ युवाओं की भूमिका” रखा गया है, जिसके तहत प्रतिदिन अलग-अलग सामाजिक विषयों पर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

समापन संदेश

कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने,नशे से दूर रहने,साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहनेका संकल्प लिया।यह कार्यक्रम न केवल जागरूकता का माध्यम बना, बल्कि समाज को सुरक्षित और स्वस्थ दिशा में आगे बढ़ाने की मजबूत पहल भी साबित हुआ।

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