“एक टिप्पणी… और जल उठी ज़िंदगी”मौहापाली हत्याकांड का बड़ा खुलासा , गुस्से की आग में झुलसा शिव प्रसाद, खरसिया पुलिस की त्वरित कार्रवाई में आरोपी गिरफ्तार
रायगढ़, 21 फरवरी 2026 खरसिया क्षेत्र के मौहापाली गांव में हुई 36 वर्षीय शिव प्रसाद पटेल की निर्मम हत्या ने पूरे इलाके को अंदर तक झकझोर दिया है। एक ऐसा अपराध, जो अचानक भड़के गुस्से से शुरू हुआ… और एक ज़िंदगी को हमेशा के लिए खत्म कर गया।
16 फरवरी की रात शिव प्रसाद अपने मामा के घर मौहापाली आया हुआ था। गांव की वही परिचित गलियां, वही लोग… लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि यह रात उसकी आखिरी रात बन जाएगी। देर रात वह घर से निकला और कुछ समय बाद गांव की गली में बुरी तरह घायल अवस्था में मिला। उसके शरीर पर मारपीट के गहरे निशान थे और आग से झुलसने के घाव साफ दिखाई दे रहे थे।परिजनों ने तुरंत उसे खरसिया अस्पताल पहुंचाया। हालत गंभीर होने पर उसे मेडिकल कॉलेज रायगढ़ रेफर किया गया, जहां 17 फरवरी को उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
मामले की सूचना मिलते ही रायगढ़ पुलिस हरकत में आई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर खरसिया पुलिस ने जांच की कमान संभाली।
घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की बारीकी से जांच की गई। फुटेज में शिव प्रसाद दो युवकों के साथ अंतिम बार दिखाई दिया। यही फुटेज इस केस का सबसे अहम सुराग साबित हुआ।
एसडीओपी प्रभात पटेल के सुपरविजन में पुलिस टीम ने तेजी दिखाते हुए मुख्य आरोपी निलेश डेंजारे उर्फ निले को रायगढ़ से गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में सामने आई सच्चाई पूछताछ में आरोपी ने जो बताया, वह चौंकाने वाला था। 16 फरवरी की रात तीनों साथ बैठकर खाना-पीना कर रहे थे। इसी दौरान मृतक ने आरोपी के दिवंगत पिता को लेकर टिप्पणी कर दी। यह बात आरोपी को नागवार गुज़री। बहस बढ़ी… और गुस्सा हिंसा में बदल गया।आरोपी ने अपने साथी के साथ मिलकर शिव प्रसाद को हाथ-मुक्कों और ईंट से बेरहमी से पीटा। मारपीट इतनी गंभीर थी कि वह लहूलुहान हो गया। इसके बाद उसे आग के हवाले कर दिया गया।इतना ही नहीं, आरोपी ने घायल अवस्था में पड़े शिव प्रसाद का मोबाइल से वीडियो भी बनाया जो इस अपराध की क्रूर मानसिकता को उजागर करता है।
जब्त सामग्री और कानूनी कार्रवाई पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त ईंट, कपड़े, मोबाइल और मोटरसाइकिल जब्त की है। मामला अपराध क्रमांक 66/2026 के तहत दर्ज कर आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।घटना में शामिल दूसरा आरोपी अब भी फरार है। पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही है और जल्द गिरफ्तारी का दावा कर रही है।
सख्त संदेश
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट कहा है हत्या जैसे जघन्य अपराध करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस टीम की भूमिका
इस पूरी कार्रवाई में एसडीओपी प्रभात पटेल के मार्गदर्शन में खरसिया पुलिस टीम में प्रधान आरक्षक मनोज मरावी, आरक्षक साविल चंद्रा और आरक्षक डमरूधर पटेल की विशेष भूमिका रही।
मौहापाली की यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि क्षणिक आवेश और असंयमित गुस्सा किस तरह एक परिवार को हमेशा के लिए अंधेरे में धकेल सकता है।गांव की वही गलियां अब खामोश हैं… लेकिन उस रात की चीखें आज भी हवा में तैरती महसूस होती हैं।













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