सड़कों पर फेंका जा रहा कचरा बन रहा गौवंश की मौत का कारण
होटल और ठेला संचालकों से भावुक अपील — अब जागिए, वरना बहुत देर हो जाएगी
शहर की सड़कों पर रोज़ बचा हुआ खाना, प्लास्टिक और गंदगी का ढेर दिखाई देता है। शायद हम में से कई लोग इसे एक सामान्य बात मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन यही लापरवाही बेबस गौ माता और अन्य मूक पशुओं की जान ले रही है।
होटल और ठेला संचालकों द्वारा सड़क किनारे फेंका गया बचा हुआ भोजन, प्लास्टिक की थैलियां और सड़ा-गला कचरा भूखी गायें मजबूरी में खा लेती हैं। उन्हें क्या पता कि जिस भोजन से पेट भरने की उम्मीद है, वही उनके लिए ज़हर बन जाएगा।
प्लास्टिक और सड़े खाद्य पदार्थों के सेवन से गौवंश फूड पॉयजनिंग जैसी गंभीर बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। कई मामलों में यह बीमारी इतनी खतरनाक होती है कि उसका कोई इलाज नहीं बचता। हजारों गौवंश केवल हमारी लापरवाही के कारण असमय मौत का शिकार हो चुके हैं। यह केवल अस्वच्छता का मामला नहीं, बल्कि संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है।
सड़क पर कचरा फेंकना न केवल गंदगी फैलाता है, बल्कि यह कानूनन दंडनीय भी है। यदि किसी भी होटल या ठेले के सामने कचरा पाया जाता है, तो संबंधित संचालक को जिम्मेदार मानते हुए शिकायत दर्ज की जा सकती है और कार्रवाई भी होगी।
लेकिन सवाल सिर्फ कार्रवाई का नहीं है… सवाल है हमारी संवेदना का
क्या हम इतने व्यस्त हो गए हैं कि उन बेजुबान प्राणियों की पीड़ा भी हमें दिखाई नहीं देती? क्या थोड़ी सी जिम्मेदारी उठाना इतना कठिन है कि अपने प्रतिष्ठान में एक डस्टबिन रख लिया जाए और कचरा केवल नगर पालिका की गाड़ी में ही डाला जाए?
स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। अगर आज हम नहीं चेते, तो कल हमारे शहर की सड़कों पर गंदगी ही नहीं, बल्कि निर्दोष पशुओं की कराह भी सुनाई देगी।
नगर पालिका से भी निवेदन है कि सभी होटल एवं ठेला संचालकों को समझाइश दी जाए और सख्ती से नियमों का पालन सुनिश्चित कराया जाए।आइए, मिलकर संकल्प लें —न कचरा सड़क पर फेंकेंगे, न किसी बेजुबान की जान जोखिम में डालेंगे।
❤️ VOICELESS CARING FOUNDATION 🙏🏻















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