किशोरों को नशे की दलदल में धकेलने वालों पर “ऑपरेशन आघात” का वार,जूटमिल में नशीले इंजेक्शन बेचते दो आरोपी गिरफ्तार, 22 इंजेक्शन और नकदी बरामद


रायगढ़, 25 फरवरी।
जिले में किशोरों को नशे की गिरफ्त में लेने की साजिश रच रहे तत्वों पर रायगढ़ पुलिस ने करारा प्रहार किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन आघात” के तहत जूटमिल क्षेत्र में नशीले इंजेक्शन बेचने वाले दो आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है।


पुलिस को सूचना मिली थी कि जूटमिल के कायाघाट क्षेत्र में दर्द निवारक इंजेक्शन का खतरनाक तरीके से नशे के रूप में उपयोग कराया जा रहा है और खासकर किशोरों को इसका आदी बनाया जा रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी ने तत्काल नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा को कार्रवाई के निर्देश दिए।

एडिशनल एसपी अनिल कुमार सोनी के मार्गदर्शन और सीएसपी के सुपरविजन में जूटमिल पुलिस ने दो अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर आरोपियों को धर दबोचा।


पहली कार्रवाई — बाबाकुटी के पास
थाना प्रभारी निरीक्षक प्रशांत राव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कायाघाट बाबाकुटी के पास घेराबंदी की। पुलिस को देखते ही 3-4 नाबालिग मौके से भाग निकले। पकड़े गए आरोपी ने अपना नाम रवि गुप्ता (42 वर्ष) निवासी जूटमिल गेट के सामने बताया।
तलाशी में आरोपी के पास से अखबार में लिपटे 10 नग Butorphanol Tartrate Injection USP 2mg “BUTRUM” बरामद हुए। साथ ही 200 रुपये नकद बिक्री राशि भी मिली। पूछताछ में आरोपी ने इंजेक्शन 200 रुपये प्रति एम्पुल बेचने की बात स्वीकार की और कोई वैध लाइसेंस प्रस्तुत नहीं कर सका।


दूसरी कार्रवाई — कायाघाट चौपाटी तिराहा
दूसरी रेड कायाघाट चौपाटी तिराहा के पास की गई, जहां सुरेश वर्मा (27 वर्ष) को उसके मकान के बाहर से गिरफ्तार किया गया। यहां भी पुलिस को देखते ही 3-4 युवक भाग खड़े हुए।


आरोपी के कब्जे से 12 नग वही नशीले इंजेक्शन और 300 रुपये नकद बरामद हुए। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह इंजेक्शन उड़ीसा के झारसुगुड़ा से खरीदकर लाता था और 150 रुपये प्रति इंजेक्शन किशोरों को बेचता था।

गंभीर धाराओं में मामला दर्ज
दोनों आरोपियों के विरुद्ध थाना जूटमिल में अपराध क्रमांक 66/2025 एवं 67/2025 दर्ज कर
धारा 77 जेजे एक्ट
धारा 123, 275, 286 भारतीय न्याय संहिता
के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। दोनों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।


समाज के लिए खतरनाक खेल
पुलिस के अनुसार, आरोपी जानते थे कि यह इंजेक्शन मादक प्रभाव डालता है और लगातार उपयोग से जीवन के लिए घातक साबित हो सकता है। इसके बावजूद नाबालिगों को इसकी अवैध बिक्री की जा रही थी। विशेषज्ञों के अनुसार, इस प्रकार के इंजेक्शन का दुरुपयोग युवाओं में तेजी से शारीरिक और मानसिक निर्भरता पैदा करता है, जो भविष्य को अंधकारमय बना सकता है।


एसएसपी का सख्त संदेश
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट कहा:
“नशीली दवाओं के माध्यम से किशोरों को नशे की ओर धकेलने वाले व्यक्तियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।

आमजन से अपील है कि ऐसी किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।”


इस कार्रवाई में थाना प्रभारी जूटमिल निरीक्षक प्रशांत राव, एएसआई भागीरथी चौधरी, नरसिंह नाथ यादव सहित पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


बड़ा सवाल जिले में दर्द निवारक इंजेक्शन का यह अवैध कारोबार कैसे पनप रहा था?
क्या मेडिकल सप्लाई चेन पर निगरानी की जरूरत है?
और क्या अभिभावकों को भी अपने बच्चों की गतिविधियों पर अधिक सजग रहने की आवश्यकता है?
“ऑपरेशन आघात” की यह कार्रवाई स्पष्ट संदेश देती है रायगढ़ में नशे के सौदागरों के लिए अब कोई जगह नहीं

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