छत्तीसगढ़ी महतारी भाखा सेवा के लिए सम्मानित हुए राकेश नारायण बंजारे लंबे समय से छत्तीसगढ़ी भाखा लेखन में हैं समर्पित

🔴छत्तीसगढ़ी महतारी भाखा सेवा के लिए सम्मानित हुए राकेश नारायण बंजारे लंबे समय से छत्तीसगढ़ी भाखा लेखन में हैं समर्पित

रायपुर। राजधानी रायपुर स्थित वृंदावन हॉल में 22 फरवरी 2026, रविवार को आयोजित राज्य स्तरीय साहित्य सम्मेलन में छत्तीसगढ़ी मातृभाषा के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु उल्लेखनीय योगदान देने वाले साहित्यकारों को सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर “महतारी भाखा” साप्ताहिक ई-पत्रिका के रायगढ़ जिला संपादक राकेश नारायण बंजारे को “महतारी भाखा संपादक सम्मान 2026” से अलंकृत किया गया। उन्हें यह सम्मान छत्तीसगढ़ के ख्यातिप्राप्त विद्वान साहित्यकारों के करकमलों से प्रदान किया गया।

यह भव्य आयोजन “हमर गंवई गांव साहित्य एवं कला मंच छत्तीसगढ़” के तत्वावधान में संपन्न हुआ। प्रातः 10 बजे से सायं 5 बजे तक चले इस सम्मेलन में प्रदेश भर के साहित्यकारों एवं साहित्यप्रेमियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

कार्यक्रम का शुभारंभ आमंत्रित अतिथियों द्वारा छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र के समक्ष पूजा-अर्चना एवं राजगीत की सामूहिक प्रस्तुति के साथ हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग की सचिव श्रीमती अभिलाषा बेहार उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार एवं भाषाविद् डॉ. चितरंजन कर ने की।

सम्मेलन के प्रथम सत्र में “महतारी भाखा” साझा संग्रह पुस्तक का विमोचन किया गया। साथ ही मासिक पत्रिका “हमर गंवई गांव” एवं साप्ताहिक पत्रिका “महतारी भाखा” का भी लोकार्पण हुआ।

इस अवसर पर रचनाकारों को “महतारी भाखा सम्मान” से सम्मानित किया गया। द्वितीय सत्र में साहित्यकारों द्वारा भव्य काव्यपाठ प्रस्तुत किया गया।

कार्यक्रम में खास पहुना के रूप में श्री अरुण निगम, डॉ. पी.सी. लाल यादव, श्री रामेश्वर शर्मा एवं श्रीमती माधुरी कर मंचासीन रहे। संपादक मंडल एवं सलाहकार मंडल के सदस्यों का विशेष सम्मान किया गया। आयोजन के सफल संचालन में संस्थापक एवं संयोजक राजकुमार निषाद ‘राज’ का उल्लेखनीय योगदान रहा।

उल्लेखनीय है कि राकेश नारायण बंजारे लंबे समय से छत्तीसगढ़ी मातृभाषा में सतत लेखन एवं संपादकीय दायित्वों का निर्वहन करते हुए भाषा सेवा में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। यह सम्मान उनके निरंतर साहित्यिक योगदान एवं मातृभाषा के प्रति समर्पण का प्रमाण है।

कार्यक्रम में सर्वश्री राजकुमार मसखरे, गिरधारी लाल चौहान , पिलाराम वर्मा मनोज पाटिल मणी , लक्ष्मी नारायण सेन श्याम सुन्दर साहू इन्द्र देव यदु जी, जामिनी कैवर्त, अभिषेक वैष्णव, गौकरण मानिकपुरी बिरलू अग्रवानी साउरा, पल्वी झा, खिबीराम साहू किरण मानिकपुरी, चेतन सिंह चौहान, सुमित शर्मा कुमार पुष्पराज साहू अरुण कुमार वर्मा, पुरनलाल जयसवाल, दिलेश कुमार फेकर, राकेश कुमार साहू सहित अनेक साहित्यकार एवं साहित्यप्रेमियों की गरिमामय उपस्थिति रही।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!