डॉ. टीकाराम सारथी “हसमुख” को ‘सावित्रीबाई फुले राष्ट्रीय शिक्षा साहित्य अवार्ड 2026’ से सम्मानित
रायपुर | विशेष रिपोर्ट सावित्रीबाई फुले राष्ट्रीय महिला शिक्षक महासंघ (पंजी.), नई दिल्ली द्वारा छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के सिविल लाइन स्थित वृंदावन हॉल में एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस गरिमामयी कार्यक्रम में शिक्षा, साहित्य और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रख्यात शिक्षाविद, साहित्यकार एवं लोककलाकार डॉ. टीकाराम सारथी “हसमुख” को ‘सावित्रीबाई फुले राष्ट्रीय शिक्षा साहित्य अवार्ड 2026’ से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा उपस्थित रहीं, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता मीनल चौबे (महापौर, रायपुर) ने की। इस अवसर पर संस्था की संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. लता एस. मूल्लर की विशेष उपस्थिति रही।
समारोह में विशिष्ट अतिथियों के रूप में स्वाति वर्मा, डॉ. सारिका एस. गंगा, कल्पना भूत रेड्डी, अनुसूया देवी, एस. भाग्य मां, सिंधोज कविता राजश्री, ए. सचेतेश्वर प्रभावती, एल. शांताबाई बिरादर उपस्थित रहीं। वहीं अतिथि वक्ताओं के रूप में नर्मदा प्रसाद मिश्र, डॉ. मनीष वत्स, विष्णु दत्त बघेल और रुचि वर्मा ने अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में संयोजक लोकेश वर्मा तथा प्रदेशाध्यक्ष श्रीमती भारती वर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।डॉ. सारथी को यह सम्मान बालिका शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में पिछले 15 वर्षों से किए जा रहे उनके सतत और प्रभावी कार्यों के लिए प्रदान किया गया।सम्मान प्राप्त करने के बाद डॉ. सारथी ने कहा,“सावित्रीबाई फुले जी भारत की प्रथम महिला शिक्षिका थीं। उनके नाम से सम्मान प्राप्त करना मेरे लिए गर्व और प्रेरणा की बात है। मैं यह सम्मान उन सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं को समर्पित करता हूँ, जो बिना किसी प्रचार-प्रसार के गांव-गांव में शिक्षा की ज्योति जला रहे हैं।”
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के बिलासपुर संभाग के सक्ती जिले से संबंध रखने वाले डॉ. टीकाराम सारथी “हसमुख” ऋषि वैदिक विद्या पीठ, आगरा (उत्तर प्रदेश) से प्रकाशित ‘शोध समालोचन’ पत्रिका के संपादक भी हैं।













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