ग्राम पंचायत सचिव जो शासकीय सेवा देते हुए भी आदर्श आचार संहिता को दे रहे थे चुनौती
गौरेला पेंड्रा मरवाही _ जिले के तराई ग्राम पंचायत सचिव किशन राठौर ग्रामीण आदिवासी क्षेत्र का अपने आपको सर्वे सर्वा समझते हुए सरपंच पद प्रत्याशी का प्रचार प्रसार में लगे हुए थे। जिनसे उन्हें स्वयं की पूर्ति और स्वयं की संपत्ति को बढ़ाने में सहज और सरल हो रहा था।
महोदय जी शायद अधिक जज्बे में ये भूल गए थे कि पहले और अब में बहुत फर्क हो गया है
पहले के मासूम आदिवासियों को बेकूफ बनाकर सदियों तक शासन करने का समय बदल गया है।
यही गलती वो कर बैठे जिनका साक्ष्य प्रामाणिकता के साथ हमने अपने चैनल के द्वारा आमजन और अधिकारियों तक पहुंचाया था। जिसका असर आदर्श आचार संहिता में दिखना लाजमी था । जिनका परिणाम उन्हें निलंबन के रूप में मिला ।
खबर का असर सचिव हुआ निलंबित












Leave a Reply