जिला अस्पताल में सिविल सर्जन ने क्या-क्या नई व्यवस्थाएं लागू की है एक नजर
जिला चिकित्सालय जांजगीर की सुविधाएं…
01. जिला चिकित्सालय जांजगीर में सुविधाओं के विस्तार होने से प्रतिदिन ईलाज हेतु आने वाले मरीजों की संख्या में बहुत बढ़त हुई है वर्तमान में 450-500 मरीज प्रतिदिन ओ.पी.डी में ईलाज हेतु आ रहे हैं।
02. भर्ती मरीजों के विरूद्ध आयुष्मान ब्लाकिंग पूर्व में 65%-70% ही थी जो वर्तमान में बढ़कर 95% से अधिक हो गयी है।
03. एक्स-रे एवं दवा वितरण की सुविधा 12 घंटा (प्रतिदिन सुबह 08:00 बजे से रात्रि 08:00 बजे तक)
04. सोनोग्राफी की सुविधा पहले 01 दिन अब सप्ताह में 06 दिन (03 दिन जिला चिकित्सालय एवं 03 दिन बी.डी.एम.शास. चिकि. चाम्पा में) निःशुल्क गर्भवती माताओं के लिए।
05. मोतियाबिंद ऑपरेशन की सुविधा प्रारंम 25 नवंबर के बाद अभी तक 350 से अधिक आपरेशन प्रतिदिन 10-12 आपरेशन
06. बेड की संख्या बढी है 185 बेड का संचालन किया जा रहा है जिसकी वजह से रेफलर रेट कम हुए है। नवंबर 2024 में 15% रिफरल रेट था जो फरवरी 2025 में घटकर 8.5% हो गया है।
07. मेडिकल बोर्ड में फर्जीवाड़ा को खत्म कर दिया गया है।
08. पोस्टमार्टम के समय जो भी प्लास्टिक और कुछ अन्य सामान परिजन के द्वारा लाया जाता था अब उसको भी जीवनदीप समिति के माध्यम से निःशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है।
09. लैब जांच की सुविधा भी 24 घंटा उपलब्ध है।
10. सिकल सेल एवं प्रबंधन केन्द्र कक्ष क्रं 15 में स्थापित किया गया है अभी तक 150 से भी अधिक सिकल सेल के मरीज को पंजीकृत करके उनको निःशुल्क उपचार करते हुए उनका यू.डी.आई.डी. कार्ड भी बनाया जा रहा है। सिकल सेल इलेक्ट्रोफोरोसिस जो बाजार में 800-1000 रूपये में होता है इसका भी जांच निःशुल्क जिला चिकित्सालय में उपलब्ध है।
11. रात्रिकालीन सिजेरियन प्रसव की सुविधा भी उपलब्ध करायी जा रही है।
12. सी.ट.ट. आपरेशन की सुविधा सप्ताह में 02 दिन कर दी गई है।
13. साफ-सफाई भी दिन में 03 बार की जा रही है।
14. रंग रोगन का कार्य एवं बिजली तार को भी पूरी अस्पताल में पाईप के माध्यम से कव्हर किया गया है।
15. सुरक्षा की दृष्टि को ध्यान में रखते हुए सी.सी.टी.व्ही कैमरा लगाया गया है।
16. मकर संक्राति के दिन पार्किंग के पीछे गार्डन को विकसित करते हुए 250 से अधिक पौधा लगाया गया है।
17. अस्पताल के दोनों मेन गेट पर काउ केचर बनाया जा रहा है।
18. फार्मेसी काउंटर को ओ.पी.डी. के पास नया बनाया गया है।
19. नया डायलिसिस विंग बनाया गया है, 06 मशीन से 08 मशीन हो गया है. सप्ताह के भीतर नये डायलिसिस विंग पर शिफ्ट हो जायेगें।
20. ई.सी.टी.सी. का जीर्णोधार किया गया है, मेडिकल वार्ड एवं आपातकालीन को एक सप्ताह के भीतर स्थानांतरण कर लिया जायेगा उसके बाद जिला अस्पताल 200 बिस्तर का हो जायेगा।

विगत कई दिनों से जिला अस्पताल जांजगीर में चल रहे आपसी खींचतान मतभेदों की वजह से मरीज हलाकान तो हो ही रहे हैं साथ ही साथ ओपीडी में डॉक्टर के बैठने के समय में कोई सुधार नहीं दिख रहा है। हर दिन की तरह आज सुबह भी कुछ डॉक्टरों को छोड़कर नियत समय पर कोई भी डॉक्टर बैठे हुए नहीं दिखे। इस अव्यवस्था पर जिम्मेदारों को पहल करते हुए उचित कार्यवाही करनी चाहिए जिला अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कर ऐसे लापरवाह डॉक्टरों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्यवाही करनी चाहिए। डॉक्टरों के मनमाने रवैए से मरीज इंतजार करते-करते थक जाते हैं और डॉक्टर समूह में रणनीति बनाते देखे जा सकते हैं। जिसका प्रमाण अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरा से आसानी से लिया जा सकता है।
ऐसा नहीं है कि हर डॉक्टर इस तरह के अनावश्यक कार्यों में लगे हुए हैं उन डॉक्टर में से कुछ चंद डॉक्टर ऐसे भी हैं जो नियत समय में उपस्थिति देने के बावजूद कार्य के प्रति अपनी जवाबदारी जिम्मेदारी को गंभीरता से निर्वहन करते हुए अतिरिक्त समय में भी मरीजों के लिए देते हैं फिर क्यों ना कितनो ही समय व्यतीत हो जाए पर ऐसे कर्तव्य परायण डॉक्टरों की संख्या गिनती के दो से तीन डॉक्टरों की है जिन्हें कर्तव्य के प्रति लापरवाही का रंग नहीं चढ़ा है।
खैर ये आम बात है की ओपीडी में डॉक्टर समय पर नहीं बैठते या बैठना नहीं चाहते, किसी को निजी क्लीनिक चलानी है किसी को अप डाउन करना है आखिर वह भी तो उनकी जिम्मेदारी है भले से ही सैलरी जिला अस्पताल से मिलती हो।
ऐसा नहीं है कि डॉक्टर के मनमाने रवैए से पूरा जिला अस्पताल अस्त व्यस्त है, कुछ समय पूर्व कार्यभार संभाले सिविल सर्जन ने एक टीम भावना के साथ जिस तरह से जिला अस्पताल का कायाकल्प किया है अस्पताल के सिस्टम को सुधारने का जो प्रयास किया जा रहा है, जो तत्परता दिखाई है उसका आम जनमानस के लिए बहुत ही सुखद परिणाम दिख रहा है अब मरीजों को बाहर महंगी महंगी जांच के लिए नहीं जाना पड़ रहा है ना ही अस्पताल में किसी भी प्रकार से कोई असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
प्राप्त जानकारी अनुसार जिला अस्पताल में सरकार की मंशा अनुरूप आम जनमानस के हित में अधिक से अधिक कार्य किया जा रहे हैं जिससे आम जनता दूर दराज से आए कमजोर वर्ग के लोग गरीब आम जनमानस सभी प्रकार की सुविधा जिला अस्पताल में ही प्राप्त कर रहे हैं अब किसी को इलाज के लिए भटकना नहीं पड़ रहा है ना ही जांच के नाम में ठगा जा रहा है। लोगों की सुविधाओं को बढ़ाने के लिए और भी प्रयास करने की जिला अस्पताल प्रबंधन द्वारा कोशिश की जा रही है प्राप्त जानकारी अनुसार जिला अस्पताल जांजगीर में कई प्रकार के आम जनमानस के हित में कार्य किया जा रहे हैं।













Leave a Reply