पर्यावरण दिवस (World Environment Day) की शुरुआत 5 जून 1972 को हुई थी। इसकी स्थापना संयुक्त राष्ट्र महासभा (United Nations General Assembly) ने की थी।
पृष्ठभूमि:
1972 में स्टॉकहोम (स्वीडन) में “मानव पर्यावरण पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन” (United Nations Conference on the Human Environment) हुआ था।
इसी सम्मेलन में पहली बार पर्यावरण के वैश्विक मुद्दों पर गंभीर चर्चा हुई।
उसी दिन (5 जून) को हर साल विश्व पर्यावरण दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया।
उद्देश्य:
इस दिन का मुख्य उद्देश्य दुनियाभर में पर्यावरण की रक्षा, जागरूकता और संरक्षण को बढ़ावा देना है।
हर साल पर्यावरण दिवस की एक थीम होती है और इसे किसी विशेष देश में मेज़बानी के साथ मनाया जाता है।
आज विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिला अध्यक्ष शिखा रविन्द्र गबेल की विशेष उपस्थिति में जनपद सीईओ पवन पटेल एवं जनपद उपाध्यक्ष डॉक्टर हितेश गवेल की अगुवाई में पर्यावरण दिवस मनाया गया जिसमे जिला अध्यक्ष शिखा रविन्द्र गबेल ने पर्यावरण को संतुलित एवं हरा भरा रखने के लिए महिला समूह को मनरेगा के तहत फलदार पेड़ पौधे वितरित किए एवं उनके संरक्षण के लिए तीन साल तक भुगतान की व्यवस्था की ताकि पेड़ पौधों को विशेष रूप से संरक्षित रख सकें उन्हें बड़ा एवं फलदार कर सके । बता दे कि जिला अध्यक्ष ने बताया की हमने हर ब्लॉक में 10 एकड़ जमीन पर पेड़ पौधे लगाने का लक्ष्य भी तय किया है। बता दे कि इस पौधारोपण कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष शिखा रविन्द्र गबेल, जनपद सीईओ पवन पटेल, जनपद उपाध्यक्ष डॉक्टर हितेश गवेल,जिला पंचाट सदस्य गोपाल बेहरा जिला पंचायत सदस्य सुषमा खलको बृजेश गुप्ता पूर्व जिला पंचायत सदस्य अशोक अग्रवाल नगर मंडल अध्यक्ष विजय शर्मा, चपले मंडल अध्यक्ष पवन पटेल सहित गणमान्य नागरिक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे ।



























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