धार्मिक डकैती का पर्दाफाश – 9 दिन में रायगढ़ पुलिस की चक्रव्यूह जीत

रायगढ़ पुलिस का बड़ा खुलासा: श्री श्याम मंदिर चोरी की गुत्थी सुलझी, 6 आरोपी गिरफ्तार, 27 लाख की संपत्ति बरामद

● “जनसहयोग, सतर्कता और प्रयास की जीत”

रायगढ़ पुलिस की तेज़ और ठोस कार्रवाई, धार्मिक आस्था को लौटाया सम्मान

मुख्य आरोपी ओडिशा बॉर्डर से गिरफ्तार, पूरी साजिश का किया खुलासा

रायगढ़, 23 जुलाई 2025:रायगढ़ के प्रतिष्ठित श्री श्याम मंदिर से धार्मिक आभूषण और नकदी की चोरी के सनसनीखेज मामले का रायगढ़ पुलिस ने 9 दिन में पर्दाफाश कर दिया है। करीब ₹27 लाख की संपत्ति की बरामदगी और 6 आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ यह कार्रवाई न केवल तेज़ तर्रार पुलिसिंग का उदाहरण है, बल्कि अपराधियों को सीधी चेतावनी भी है –

“इस सफलता का श्रेय एडिशनल एसपी, सीएसपी, कोतवाली सहित 5 थानों की पुलिस टीम, साइबर सेल, ACCU, और फॉरेंसिक यूनिट को जाता है। वहीं, बिलासपुर और मुंगेली पुलिस की विशेष टीमों ने भी इस अभियान में कंधे से कंधा मिलाकर साथ दिया।घटना का खुलासा कैसे हुआ:13-14 जुलाई की रात अज्ञात चोर ने मंदिर के मुख्य द्वार और गर्भगृह का ताला तोड़कर सोने का मुकुट, कुण्डल, चार छत्तर, गलपटिया सहित ₹25 लाख के धार्मिक आभूषण और ₹2 लाख नकद चुरा लिए थे। इस पर FIR क्रमांक 335/2025 धारा 331(4), 305 BNS के तहत दर्ज की गई।जांच में 100 से अधिक CCTV फुटेज और 1.25 लाख मोबाइल नंबरों की छानबीन की गई। सोशल मीडिया पर संदिग्ध की फोटो वायरल की गई, जिससे पुलिस को एक अहम सुराग मिला – मुख्य आरोपी सारथी यादव।

आरोपी की कहानी और गिरफ्तारी:

मुख्य आरोपी सारथी यादव ने श्याम मंदिर की दिनभर रेकी करने के बाद रात को सुनसान समय में ताला तोड़कर चोरी को अंजाम दिया। चुराई गई संपत्ति को रेलवे ट्रैक के रास्ते लेकर वह गांव पहुंचा, जहाँ उसने पत्नी नवादाई यादव, मानस भोय, उपेन्द्र भोय, विज्जु प्रधान, दिव्य प्रधान के साथ मिलकर माल को छिपाया और बेचने की योजना बनाई।विशेष पुलिस टीम ने ओडिशा बॉर्डर से सारथी यादव को दबोचा, पूछताछ में जुर्म कबूल हुआ। फिर अन्य पांच साथी भी पकड़े गए।बरामद संपत्ति और सबूत:सोने का हार, मुकुट, कुण्डल, 4 छत्तर₹10,000 नकद ,घटना में प्रयुक्त लोहे का रॉड, एक बजाज प्लेटिना मोटरसाइकिल संतरा रंग की टी-शर्ट (घटना के समय पहनी गई)

कुल बरामदगी: ₹26.80 लाख

आरोपी:

1. सारथी यादव (33)2. नवादाई यादव (28)3. मानस भोय (23)4. उपेन्द्र भोय (30) – सभी निवासी ठेंगागुड़ी, थाना सरिया5. दिव्य किशोर प्रधान (34) – निवासी बड़माल, बरगढ़ (ओडिशा)6. विजय उर्फ विज्जु प्रधान (34) – निवासी धुनीपाली, भठली (ओडिशा)बढ़ी धाराएं:धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने, संगठित अपराध और षड्यंत्र की धारा-238, 299, 111, 3(5) BNS जोड़ी गई।

रायगढ़ पुलिस की सख्त चेतावनी:

एसपी दिव्यांग पटेल के नेतृत्व और IG डॉ. संजीव शुक्ला के मार्गदर्शन में चली यह कार्रवाई यह संदेश देती है – “धार्मिक आस्था को नुकसान पहुंचाने वाले अपराधियों को कहीं पनाह नहीं।”साथ ही, पुलिस द्वारा “सुरक्षित सुबह” अभियान के तहत CCTV की अहमियत को दर्शाते हुए लोगों को इससे जुड़ने के लिए प्रेरित किया गया। जिन लोगों की CCTV से इस केस में मदद मिली, उन्हें सम्मानित किया गया।

सम्मान और सराहना:

इस केस की जाँच में लगे 80+ पुलिसकर्मियों और तकनीकी स्टाफ को पुलिस महानिरीक्षक ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।—

👉 यह कार्रवाई रायगढ़ पुलिस की सजगता, सतर्कता और सेवा भावना का एक ऐतिहासिक उदाहरण बन गई है। जनता का भरोसा फिर एक बार कानून पर और मज़बूत हुआ है।—

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