अश्लीलता की आंधी: क्या भारत की संस्कृति यूँ ही नंगी होती रहेगी?” ✍️

अश्लीलता की आंधी: क्या भारत की संस्कृति यूँ ही नंगी होती रहेगी?”📍

✍️– Pooja Jaiswal (पत्रकार, NKB National News)

आज के भारत में, जब हम डिजिटल क्रांति की बात करते हैं, तो साथ-साथ हमें यह भी देखना होगा कि सोशल मीडिया पर किस तरह की गंदगी परोसी जा रही है। Instagram Reels, YouTube Shorts और अन्य वीडियो प्लेटफॉर्म्स पर अश्लीलता का खुला नंगा नाच चल रहा है। शर्मनाक बात यह है कि इसे “फैशन”, “बोल्डनेस” और “फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन” का नाम देकर जायज़ ठहराया जा रहा है।क्या यही वो आज़ादी है जिसके लिए हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने बलिदान दिया था?क्या यही संस्कृति है जिसे हमने दुनिया को “वसुधैव कुटुम्बकम” कहकर सिखाया?

🚨 पब्लिक प्लेस में बेहयाई क्यों?आज मॉल, रोड, रेलवे स्टेशन, और यहां तक कि मंदिर परिसरों में भी लड़कियाँ जिस तरह से कपड़े पहनकर घूम रही हैं, वो साफ तौर पर सामाजिक मर्यादा और नैतिकता की हत्या है। यह न सिर्फ़ भारतीय संस्कृति का अपमान है, बल्कि आमजन विशेषकर बच्चों पर भी गलत असर डालता है।बड़े-बुज़ुर्ग शर्म से नज़रें फेर लेते हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर यही चीज़ लाखों में लाइक और शेयर पा रही है। क्या यह मानसिक दीवालियापन नहीं है?–

-⚖️ कहाँ है कानून? क्यों चुप है सरकार?

भारत में IT Act, IPC की कुछ धाराएं और Indecent Representation of Women (Prohibition) Act 1986 मौजूद हैं, लेकिन ये कानून सोते हुए शेर जैसे हैं। इनका उपयोग ना के बराबर होता है, और सोशल मीडिया कंपनियाँ आँखें मूँदकर इस गंदगी को बढ़ावा दे रही हैं।

👉 क्या कोई बताएगा कि Instagram और YouTube जैसे प्लेटफॉर्म्स पर “बॉडी शो ऑफ” करने वाली अश्लील रील्स किस कानून के तहत रोकी जाएंगी?

👉 क्या सरकार को तब होश आएगा जब ये अश्लीलता घर-घर की मानसिकता को दूषित कर चुकी होगी?—

🔥 अब बहुत हुआ – चाहिए सख्त कानून!

1. हर अश्लील Reel पर FIR होनी चाहिए।

2. सोशल मीडिया कंपनियों को कंटेंट मॉडरेशन के लिए जवाबदेह ठहराया जाए।

3. पब्लिक प्लेस में मर्यादाहीन कपड़ों के खिलाफ़ कानून बने और अमल हो।

4. स्कूल-कॉलेज में नैतिकता और भारतीय मूल्यों पर शिक्षा अनिवार्य की जाए।—❗

अगर आज नहीं चेते, तो आने वाली पीढ़ियाँ सिर्फ शरीर दिखाना ही ‘कला’ और ‘स्वतंत्रता’ समझेंगी।यह मुद्दा सिर्फ संस्कृति का नहीं है, यह राष्ट्र की अस्मिता का सवाल है।

अब वक्त आ गया है कि हम चुप न बैठें – सरकार को जगाएं, कानून बनवाएं और अश्लीलता के खिलाफ़ एक निर्णायक युद्ध छेड़ दें।—📢

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