देश की अग्रणी कौशल और उच्च शिक्षा संस्था आईसेक्ट द्वारा आयोजित कौशल रथ – कौशल विकास यात्रा 2025 का आगमन आज रायगढ़ पहाड़ मंदिर रोड स्थित प्रधानमंत्री कौशल केंद्र में हुआ यह यात्रा 6 अक्टूबर 2025 से शुरू होकर 20 राज्यों के 300 जिलों में फैले 500 स्कूलों, कॉलेजों और शैक्षणिक संस्थानों तक पहुँच रही है और लाखों विद्यार्थियों, युवाओं तथा शिक्षकों को कौशल विकास और भविष्य की तकनीकों से अवगत करना ही संस्था का मुख्य उद्देश्य हैइस वर्ष की यात्रा का मुख्य आकर्षण AI Literacy Mission रहा।
आईसेक्ट के विशेष रूप से तैयार किए गए कौशल रथ के माध्यम से गाँव-गाँव और शहर-शहर तक एआई, एआर/वीआर जैसी भविष्य की तकनीकों से संबंधित जानकारी, डेमो और प्रशिक्षण सामग्री प्रदान की गई।यात्रा के दौरान निःशुल्क एआई सेमिनार ,कार्यशालाएँ, करियर काउंसलिंग सत्र और तकनीकी प्रदर्शन आयोजित किए गए।
आईसेक्ट ने इस यात्रा के माध्यम से चार प्रमुख उद्देश्य पूरे किए:विद्यार्थियों, शिक्षकों और SKPs को एआई शिक्षा में प्रशिक्षित करना।निःशुल्क सेमिनार और कार्यशालाओं के माध्यम से समुदायों को जोड़ना।स्कूलों और कॉलेजों के साथ सहयोग बढ़ाकर संस्थागत नेटवर्क को मजबूत करना।विद्यार्थियों के समूह तैयार कर भविष्य की प्रशिक्षण आवश्यकताओं की पहचान करना।यात्रा के दौरान आईसेक्ट-NSDC साझेदारी में संचालित 250 से अधिक डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्सेस की जानकारी दी गई। इन कोर्सेस में कंप्यूटर, आईटी, फ्यूचर स्किल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, बैंकिंग और फाइनेंस, शिक्षक प्रशिक्षण, कृषि और रिटेल जैसे रोजगारोन्मुख विषय शामिल थे।
आईसेक्ट के प्रवक्ता सचिन जैन ने कहा, “कौशल विकास यात्रा 2025 केवल एक शैक्षणिक अभियान नहीं है, बल्कि यह युवाओं को भविष्य की तकनीकों से जोड़ने, रोजगारोन्मुख शिक्षा उपलब्ध कराने और भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में एक ठोस पहल है।”
यात्रा के दौरान शहर के सम्मानित अतिथि रोजगार अधिकारी श्री राम जीत राम ने आईसेक्ट के इस प्रयास की सराहना की और कहा कि AI Literacy Mission और कौशल विकास यात्रा युवाओं के लिए मार्गदर्शक और रोजगारोन्मुख पहल साबित हुई।आईसेक्ट अब आगे भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करके भारत के हर युवा को नए युग की तकनीकों से सशक्त बनाने की दिशा में काम जारी रखेगी।













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