रायगढ़ पुलिस की बड़ी उपलब्धि — 54 गुम मोबाइल लौटाए, 18 महीनों में 400+, अब तक 2000 से अधिक मोबाइल रिकवर
रायगढ़, 15 नवंबर।रायगढ़ पुलिस ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि आधुनिक तकनीक का सही उपयोग और प्रतिबद्धता मिले तो जनता की सुरक्षा और विश्वास दोनों मजबूत होते हैं। पुलिस अधीक्षक दिव्यांग कुमार पटेल के नेतृत्व में आज साइबर सेल द्वारा 54 गुम/चोरी मोबाइल फोन उनके स्वामियों को सौंपे गए।इन मोबाइलों में रेडमी, रियलमी, सैमसंग सहित कई महंगे मॉडल शामिल हैं, जिनकी कुल कीमत ₹9,72,000 से अधिक है।
CEIR पोर्टल से मिली लीड, पुलिस की तेजी से हुआ रिकवरी
एसपी दिव्यांग पटेल ने बताया कि मोबाइल गुम होने पर पीड़ितों द्वारा CEIR पोर्टल पर दी गई जानकारी पुलिस के लिए सबसे बड़ी मदद साबित होती है।जैसे ही गुम मोबाइल किसी नए सिम से एक्टिव होता है ,मोबाइल स्वामी को अलर्ट,साइबर सेल व संबंधित थाने को मेल,और तुरंत ट्रेसिंग प्रक्रिया शुरू कर दी जाती है।सिर्फ दो महीनों में ही साइबर सेल ने ऐसे 54 मोबाइल ट्रैक कर रिकवर कर लिए।
राज्यों की सीमाएं नहीं बनी बाधा ओड़िशा, झारखंड, एमपी, बंगाल व बिहार से भी मोबाइल बरामद
साइबर सेल की टीम ने सिर्फ जिले में ही नहीं, बल्कि प्रदेश के बाहर तक पहुंचकर मोबाइल रिकवर किए।टीम ने सीमावर्ती राज्यों—ओड़िशा, झारखंड, मध्यप्रदेश, पश्चिम बंगाल और बिहार से कई मोबाइल जब्त कर उनके वास्तविक स्वामियों तक पहुंचाए।
400 से अधिक मोबाइल पिछले 18 महीनों में, अब तक 2000+ मोबाइल रिकवर
एसपी दिव्यांग पटेल के कार्यकाल में साइबर सेल और थानों की संयुक्त टीम ने 400 से अधिक मोबाइल लगातार ट्रैक कर लौटाए हैं।जबकि कुल मिलाकर रायगढ़ साइबर सेल अब तक 2,000 से अधिक गुम/चोरी मोबाइल रिकवर कर चुकी है जो प्रदेश में एक उल्लेखनीय उपलब्धि मानी जा रही है।
मोबाइल के गलत उपयोग से बढ़ सकता है साइबर अपराध पुलिस की अपील
एसपी ने जनता से अपील करते हुए कहा—“मोबाइल आज संचार का प्रमुख साधन होने के साथ ही उसमें कई निजी दस्तावेज और डाटा सुरक्षित होते हैं। गुम मोबाइल का गलत हाथों में जाना गंभीर अपराधों को जन्म दे सकता है। किसी को भी यदि गुम मोबाइल मिले, तो उसका उपयोग न करें, बल्कि नजदीकी थाने या साइबर सेल में जमा कर दें। गलत उपयोग पर कानूनी कार्रवाई निश्चित है।”
साइबर सेल की मेहनती टीम ,इन योद्धाओं ने रचा कीर्तिमान
मोबाइल रिकवरी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली टीम में शामिल हैं—प्रधान आरक्षक राजेश पटेल, दुर्गेश सिंह, बृजलाल गुर्जर, रेनू मंडावी, आरक्षक धनंजय कश्यप, प्रशांत पंडा, पुष्पेंद्र जाटवर, विक्रम सिंह, विकास प्रधान, महेश पंडा, प्रताप बेहरा, सुरेश सिदार, नवीन शुक्ला, रविन्द्र गुप्ता और महिला आरक्षक मेनका चौहान।इन सभी का योगदान सराहनीय रहा है।













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