फर्जी DSP बना ठग गिरफ्तार: 72 लाख रुपए की ठगी कर रहा था बेरोकटोक, कुसमी पुलिस की बड़ी कार्रवाई

फर्जी DSP बना ठग गिरफ्तार: 72 लाख रुपए की ठगी कर रहा था बेरोकटोक, कुसमी पुलिस की बड़ी कार्रवाई

कुसमी, जिला बलरामपुर-रामानुजगंज | 13 नवंबर 2025

कुसमी पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी डीएसपी बनकर नौकरी दिलाने के नाम पर 72 लाख रुपए की ठगी करने वाले आरोपी संतोष कुमार पटेल (29 वर्ष) को मध्यप्रदेश के सीधी जिले से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

आरोपी ने खुद को मध्यप्रदेश पुलिस का डीएसपी बताकर पीड़िता ललकी बाई को यह विश्वास दिलाया था कि वह उसके दोनों बच्चों को पुलिस विभाग में अच्छी नौकरी दिला देगा। इसी झांसे में पीड़िता से वर्ष 2018 से 2025 के बीच करोड़ों की नौकरी का सपना दिखाकर कुल 72,00,000 रुपए ठग लिए गए।


कैसे रचा गया ठगी का जाल?

जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी संतोष वर्ष 2016–2021 तक ए. साई कंपनी में JCB ऑपरेटर के रूप में काम करता था और इसी दौरान सामरी–जलजली–श्रीकोट रोड निर्माण स्थल पर पीड़िता ललकी बाई से उसकी पहचान हुई।

पहले दोस्ती, फिर लगातार फोन पर संपर्क और आखिरकार भरोसा—आरोपी ने इसी भरोसे का फायदा उठाकर कहा कि उसने भी पैसे देकर डीएसपी की नौकरी पाई है और पीड़िता के बच्चों को भी बड़े पद पर लगवाएगा।

धीरे-धीरे वह कभी पत्नी की तबियत, कभी बहन का ऑपरेशन, कभी नौकरी प्रक्रिया के नाम पर रकम मांगता रहा। लंबे समय तक झूठ बोलकर विभिन्न किस्तों में 72 लाख रुपए अपने यूनियन बैंक खाते और फोन पे के माध्यम से लेता रहा।


शिकायत मिलते ही सक्रिय हुई कुसमी पुलिस

पीड़िता द्वारा शिकायत दर्ज कराए जाने पर थाना कुसमी में अपराध क्रमांक 92/2025 के तहत धारा 318(2), 319(2), 336(3), 340 BNS के अंतर्गत मामला पंजीबद्ध किया गया।

वरिष्ठ अधिकारियों—अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विश्वदीपक त्रिपाठी एवं अनुविभागीय अधिकारी कुसमी ईम्मानुएल लकड़ा के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम बनाई गई, जिसने टेक्निकल सर्विलांस के आधार पर आरोपी को सीधी जिले में धर-दबोचा।

पूछताछ में आरोपी ने ठगी की बात कबूल की, जिसके बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।


टीम का सराहनीय योगदान

कार्रवाई में थाना कुसमी के थाना प्रभारी उ.नि. विरासत कुजूर,स.उनि. रमेश तिवारी,स.उनि. दीपक बड़ा,आर. 598 धीरेन्द्र चंदेलका महत्वपूर्ण योगदान रहा।

कुसमी पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना क्षेत्र में की जा रही है, क्योंकि इतने बड़े आर्थिक अपराध में आरोपी तक पहुंचना और उसे गिरफ्तार करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य था।

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