धरमजयगढ़ में DBL कंपनी पर गंभीर आरोप, अमृत सरोवर योजना की उड़ाई धज्जियां
धरमजयगढ़।
भारत माला सड़क परियोजना के तहत धरमजयगढ़ उरगा से पत्थलगांव मार्ग का निर्माण कर रही DBL कंपनी एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। इस बार आरोप बेहद गंभीर हैं। शासन की महत्वाकांक्षी अमृत सरोवर योजना के तहत लाखों रुपये की लागत से निर्मित शासकीय तालाब को कथित रूप से खुदाई कर पूरी तरह नष्ट कर दिया गया है।
मामला धरमजयगढ़ विकासखंड अंतर्गत सिसरिंगा ग्राम पंचायत का है, जहां ग्रामीणों का आरोप है कि DBL कंपनी ने सड़क निर्माण में मिट्टी खपाने के लिए शासकीय तालाब को ही निशाना बना डाला। जिस तालाब को गांव के जल संरक्षण और किसानों की सुविधा के लिए बनाया गया था, आज वही तालाब मिट्टी में मिल चुका है।
ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों के अनुसार, एक निजी भूमि पर खुदाई की अनुमति की आड़ में DBL कंपनी ने निजी जमीन के साथ-साथ शासकीय अमृत सरोवर तालाब में भी भारी उत्खनन कर दिया। इसके बाद इलाके में बेतहाशा खनन किया गया, जिससे सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि
☝️ शासकीय तालाब में खुदाई की अनुमति किसने दी?
☝️ क्या संबंधित विभागों की मिलीभगत से यह काम हुआ?
☝️ करोड़ों की योजना पर पानी फिरने का जिम्मेदार कौन है?
ग्रामीणों का कहना है कि धरमजयगढ़ क्षेत्र में DBL कंपनी के खिलाफ पहले भी नियमों की अनदेखी और मनमानी को लेकर कई शिकायतें सामने आ चुकी हैं, लेकिन हर बार कार्रवाई के नाम पर सिर्फ औपचारिकता निभाई गई।
फिलहाल सिसरिंगा ग्राम पंचायत के सरपंच एवं जागरूक ग्रामीणों ने धरमजयगढ़ एसडीएम और जनपद पंचायत सीईओ से मिलकर लिखित शिकायत दर्ज कराई है। ग्रामीणों ने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई, नुकसान की भरपाई और अमृत सरोवर के पुनर्निर्माण की मांग की है।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले में कठोर कार्रवाई करता है या फिर DBL कंपनी की मनमानी यूं ही चलती रहेगी।













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