ऑपरेशन शंखनाद का निर्णायक वार: जशपुर पुलिस ने तस्करों की रीढ़ तोड़ी, 10 गौवंश सुरक्षित, पिकअप जब्त
जशपुर।गौ तस्करी के विरुद्ध जशपुर पुलिस द्वारा संचालित ऑपरेशन शंखनाद अब निर्णायक चरण में प्रवेश कर चुका है। इसी कड़ी में रात्रिकालीन गश्त के दौरान थाना दुलदुला क्षेत्र में पुलिस ने तस्करों की साजिश को नाकाम करते हुए 10 नग गौवंशों को सुरक्षित मुक्त कराया है।
घटना 15 जनवरी की रात लगभग 1:30 बजे की है, जब दुलदुला पुलिस को विश्वसनीय मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि एक बोलेरो पिकअप वाहन में गौवंशों को अमानवीय तरीके से भरकर कुनकुरी मार्ग से झारखंड सीमा की ओर ले जाया जा रहा है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराते हुए आसनबहार–खूंटी टोली मार्ग पर सघन नाकाबंदी की गई।इसी दौरान तेज रफ्तार से आ रही सफेद बोलेरो पिकअप को रोकने का प्रयास किया गया, किंतु चालक ने पुलिस वाहन को टक्कर मारते हुए फरार होने की कोशिश की। पुलिस द्वारा पीछा किए जाने पर तस्कर कुछ दूरी पर वाहन को खेत में छोड़कर अंधेरे का लाभ उठाते हुए फरार हो गए।पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर पाया कि पिकअप में 10 गौवंश रस्सियों से बंधे हुए, ठूंस-ठूंस कर भरे गए थे, जिन पर ऊपर से प्लास्टिक त्रिपाल डाली गई थी। सभी गौवंशों को सुरक्षित बाहर निकालकर पशु चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया।
तस्करी में प्रयुक्त बोलेरो पिकअप क्रमांक JH-03-AR-5441 को विधिवत जब्त कर लिया गया है।इस प्रकरण में छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6 एवं 10 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। फरार आरोपियों की तलाश तेज़ कर दी गई है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में संचालित इस अभियान के तहत अब तक 145 मामलों में 243 गौ तस्करों की गिरफ्तारी और 1406 से अधिक गौवंशों को मुक्त कराया जा चुका है, जो जशपुर पुलिस की सख्त नीति और मजबूत इच्छाशक्ति को दर्शाता है।
“जशपुर पुलिस का ऑपरेशन शंखनाद अब सिर्फ अभियान नहीं,गौ तस्करों के लिए खुली चेतावनी बन चुका है।रात्रि गश्त के दौरान दुलदुला क्षेत्र में पुलिस ने एक बार फिर साबित कर दियाकि कानून से बच निकलना अब आसान नहीं।















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