जब खाकी ने आँखें खोलीं — डोंगरगांव में ‘खाकी आईज’ अभियान बना भरोसे की नई शुरुआत
डोंगरगांव | 20 जनवरी 2026 अपराध रोकने के लिए सिर्फ़ गश्त काफी नहीं होती,कभी-कभी ज़रूरत होती है समाज और पुलिस के बीच भरोसे की एक मज़बूत डोर की। डोंगरगांव में ठीक यही सोच आज ज़मीन पर उतरती दिखाई दी, जब पुलिस ने “खाकी आईज” अभियान की शुरुआत की।

यह पहल पुलिस अधीक्षक राजनांदगांव अंकिता शर्मा के उस विज़न को दर्शाती है,जिसमें अपराध पर सिर्फ़ कार्रवाई नहीं, बल्कि पहले रोकथाम को प्राथमिकता दी जाती है।अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेन्द्र नायक के मार्गदर्शन मेंथाना स्तर पर इस सोच को साकार करने की ज़िम्मेदारी निभाई डोंगरगांव पुलिस ने।आज थाना डोंगरगांव परिसर में आयोजित बैठक केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं थी,बल्कि यह साफ संदेश था कि —“अब पुलिस सिर्फ़ घटनास्थल पर नहीं, आपके घर की सुरक्षा में भी साथ खड़ी है।”
नगर पुलिस अधीक्षक मंजूलता बाज के नेतृत्व एवं पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी निरीक्षक आशीर्वाद राहटगांवकर ने बेहद सरल और व्यावहारिक शब्दों में नागरिकों को योजना की जानकारी दी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई परिवार रात्रि में घर सूना छोड़कर बाहर जाता है,तो केवल एक छोटा-सा फॉर्म भरकर पुलिस को सूचना देना ही उस घर को पुलिस की विशेष निगरानी में ले आएगा।यह योजना कागज़ों तक सीमित नहीं है।रात्रि गश्त के दौरान सूने मकानों पर विशेष नजर,सीसीटीवी कैमरा लगे घरों को प्राथमिकता,और वार्ड स्तर पर कैमरे लगाने की अपील हर बिंदु यह बताता है कि पुलिस अपराध होने से पहले उसे रोकना चाहती है।
बैठक में नागरिकों से यह भी अपील की गई किकिरायेदारों की जानकारी समय पर थाना में देनाकेवल औपचारिकता नहीं, बल्कि सुरक्षा की एक अहम कड़ी है।

नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती अंजू त्रिपाठी,उपाध्यक्ष रोहित गुप्ता,भाजपा जिला प्रवक्ता रामकुमार गुप्ता,पार्षदगण, पत्रकार बंधु और नगर के गणमान्य नागरिकों की मौजूदगी नेइस अभियान को सामाजिक समर्थन भी दिया।
डोंगरगांव में शुरू हुआ “खाकी आईज” अभियानयह संकेत है कि अब पुलिस और जनता के बीच सिर्फ़ सवाल-जवाब का रिश्ता नहीं,बल्कि साझी जिम्मेदारी और साझा सुरक्षा का नया अध्याय लिखा जा रहा है।















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