खरसिया के लोकेश गर्ग को “रक्तबीर जीवन रक्षक सम्मान”, मानव सेवा की मिसाल बने
खरसिया क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बनते हुए समाजसेवी लोकेश गर्ग को जिया मां साहित्य मंच, बेंगलुरु द्वारा “रक्तबीर जीवन रक्षक सम्मान” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें जरूरतमंद और गंभीर मरीजों के लिए समय पर रक्त उपलब्ध कराने की लगातार निस्वार्थ सेवा के लिए प्रदान किया गया।
लोकेश गर्ग लंबे समय से अपने साथियों के सहयोग से खरसिया ही नहीं, बल्कि रायगढ़ और रायपुर तक गंभीर मरीजों के लिए रक्त की व्यवस्था करते आ रहे हैं। कई बार ऐसा होता है जब अस्पतालों में समय पर ब्लड उपलब्ध नहीं हो पाता और मरीज या उनके परिजनों को अपने खर्चे पर दूर से रक्त लाना पड़ता है। ऐसे कठिन समय में लोकेश गर्ग और उनकी टीम किसी भी सूचना पर तुरंत सक्रिय होकर रक्त की व्यवस्था कर मरीजों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
गंभीर मरीजों को समय पर रक्त न मिलने से उनकी स्थिति और अधिक बिगड़ जाती है, लेकिन लोकेश गर्ग का प्रयास रहता है कि रक्त की कमी के कारण किसी की सांसों की डोर न टूटे। वे लगातार सेवा पथ पर चलते हुए मानवता की मिसाल पेश कर रहे हैं।
जिया मां साहित्य मंच द्वारा सभी रक्तवीरों को एक मंच पर सम्मानित किया जाना अपने आप में सराहनीय पहल है। इस अवसर पर लोकेश गर्ग ने सभी रक्तवीरों को धन्यवाद और बधाई दी, साथ ही जिया मां साहित्य मंच का हृदय से आभार व्यक्त किया।
यह सम्मान न केवल लोकेश गर्ग की व्यक्तिगत सेवा का सम्मान है, बल्कि खरसिया जैसे छोटे नगर से निकलकर मानवता के लिए किए जा रहे बड़े कार्यों की पहचान भी है।









































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