सक्ती जिले की शांत रात… गांव के किनारे चल रहा था ताश का खेल… दांव पर लगे थे हजारों रुपये… और जुआरियों को क्या पता था कि आज उनकी “किस्मत” नहीं, बल्कि “पुलिस” आने वाली है वो भी बाराती बनकर
ग्राम कानाकोट खार नहर किनारे जुआ का खेल पूरे रंग में था। 52 पत्ती की गड्डी पर दांव लग रहे थे, हंसी-मजाक और पैसों की खनक के बीच माहौल पूरी तरह सेट था। तभी दूर से आती ट्रैक्टर की आवाज़… जैसे कोई बारात आ रही हो
लेकिन ये कोई आम बारात नहीं थी… ये थी फगुरम पुलिस की चालाक प्लानिंग
जैसे ही “बाराती” मौके पर पहुंचे, अचानक सीन पलटा ढोल-नगाड़ों की जगह गूंज उठी पुलिस की आवाज़ और शुरू हो गया एक्शन
पलक झपकते ही जुआ का पूरा अड्डा पुलिस के घेरे में था। अफरा-तफरी मच गई… कुछ भागने की कोशिश में थे, लेकिन 8 जुआड़ी मौके पर ही दबोच लिए गए।
इस फिल्मी रेड में पुलिस के हाथ लगे
26,000 रुपये नगद, 7 मोबाइल फोन (लगभग 1 लाख रुपये कीमत) 2 लग्जरी कार (करीब 30 लाख रुपये) ताश की गड्डी
हालांकि, इस “सीन” में 3 किरदार अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए, जिनकी तलाश अभी जारी है
कहानी का क्लाइमेक्स यही बताता है चाहे जुआ कितना भी छुपकर खेला जाए, पुलिस की स्क्रिप्ट में उसका अंत तय है
कार्रवाई में शामिल टीम
इस पूरी कार्रवाई में चौकी प्रभारी फगुरम उप निरीक्षक अनवर अली, साइबर सेल प्रभारी सी.पी. कंवर, आरक्षक जितेन्द्र कंवर, दीपक साहु, अलेक्स मिंज, गोपाल साहु,
साथ ही चौकी फगुरम के टीकम सिंह साव, अश्वनी सिदार, लक्ष्मीनारायण राठौर, फारूख खान, नान्हीराम यादव, दिनेश कुमार पटेल, अनिल रात्रे, अविनाश देवांगन एवं महिला आरक्षक सविता भारद्वाज का विशेष योगदान रहा।













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