Voiceless Caring Foundation संस्था के युवाओं ने की जनता से अपील
क्या यही है हमारी ‘गौमाता’ के प्रति श्रद्धा?
जिन गायों को हम पूजते हैं, वही आज सड़कों पर कूड़े के ढेर में प्लास्टिक और जहरीले अपशिष्ट खाकर दम तोड़ रही हैं। यह शर्मनाक है! हम मंदिरों में घण्टे बजाकर गौसेवा की बातें करते हैं, लेकिन उन्हीं गायों को कूड़े में मरने के लिए छोड़ देते हैं। पॉलिथीन, रासायनिक कचरा और सड़ा-गला खाना – यही आज हमारी ‘माता’ का भोजन बन चुका है। और हम चुपचाप तमाशा देखते हैं।
यह कोई साधारण लापरवाही नहीं, यह एक सामाजिक अपराध है। अगर हम आज नहीं जागे, तो कल हमें इतिहास भी माफ नहीं करेगा। गायों की यह दुर्दशा हमारे समाज की संवेदनहीनता और दोहरे चरित्र को उजागर करती है। अब वक्त आ गया है कि हम सिर्फ बातें न करें – जिम्मेदारी लें, एकजुट हों और यह सुनिश्चित करें कि कोई भी गाय भूखी, घायल या कूड़ा खाते हुए न दिखे। गौसेवा केवल पूजा नहीं, यह कर्म है – और हमें इसे निभाना ही होगा।
हमारी सबसे विनती है की कचरे के लिए जो गाड़ी आती है अपने घर का कचरा उसमे डालें अन्यथा हमारे संगठन द्वारा एक्शन लिया जायेगा किसी भी जीव के हत्त्या का कारण न बनें
( VOICELESS CARING FOUNDATION ❤🩹🙏🏻)
NKB NATIONAL NEWS ने इस मामले में जनता को ही गुनाहगार ठहराया है , नगरपालिका द्वारा कचरा गाड़ी भेजने पर भी जनता इधर उधर कचरा फेंक देती है जो कई दिनों तक सड़ते रहते है , कचरे में खाने के अलावा प्लास्टिक कांच आदि कई तरह की चीजें फेंकी जाती है जिसे बेजुबान पशुओं द्वारा खाया जाता है इसे खा कर बेजुबान मौत का शिकार बनते है आखिर इन सब में जनता की ही गलती है न कि नगरपालिका की। नगरपालिका को भी चाहिए कि ऐसे कचरा फेंकने वालों पर सख्त कार्यवाही की जाए और एक उदाहरण दिया जाए कि बेजुबानों की मौत के जिम्मेदार लोगों को भी सजा मिलनी चाहिए ।














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