बलरामपुर। गौ-वंशीय पशुओं की तस्करी पर बलरामपुर पुलिस ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी तौफ़ीक़ अंसारी और उसके सहयोगी मोस्ताक अंसारी को झारखंड के रंका थाना क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने दोनों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
घटना का मामला
4 मई 2025 को बलरामपुर पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि झारखंड के तस्कर 6 बैलों को पिकअप वाहन में भरकर ले जा रहे हैं। पुलिस ने घेराबंदी कर वाहन को पकड़ा, लेकिन चालक और अन्य आरोपी मौके से फरार हो गए थे। इस मामले में थाना बलरामपुर में छत्तीसगढ़ कृषिक पशु परिरक्षण अधिनियम, पशु क्रूरता अधिनियम एवं भारतीय न्याय संहिता की धारा 111 के तहत अपराध दर्ज किया गया।
अब तक की कार्रवाई
पुलिस विवेचना में सामने आया कि यह संगठित गिरोह है, जिसमें पशु विक्रेता, दलाल, परिवहनकर्ता और व्यापारी तक शामिल हैं। जांच के दौरान घटना में प्रयुक्त दो पिकअप वाहन जब्त किए गए और अब तक कुल 7 आरोपियों को जेल भेजा जा चुका था।
मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी
23 अगस्त को सिटी कोतवाली बलरामपुर की विशेष टीम ने रंका (झारखंड) में दबिश देकर गिरोह के मास्टरमाइंड तौफ़ीक़ अंसारी (40 वर्ष) और मोस्ताक अंसारी (35 वर्ष) को गिरफ्तार किया। पूछताछ में दोनों ने अपराध स्वीकार कर लिया। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर दोनों को 24 अगस्त को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।
कुल 9 आरोपी गिरफ्तार
इस कार्रवाई के साथ ही अब तक कुल 9 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
पुलिस का कहना है कि गौ-वंशीय पशुओं की अवैध तस्करी पर रोक लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है और आगे भी इस तरह की कार्यवाही जारी रहेगी।













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