अड़भार अष्टभुजी मंदिर: सातवें दिन दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं की भारी भीड़, पुलिस‑व्यवस्था और सहयोग की श्रद्धालुओं ने की खुलकर तारीफ

अड़भार (जांजगीर‑चांपा/सक्ति क्षेत्र): अड़भार स्थित प्रसिद्ध अष्टभुजी माता के मंदिर में आज सातवें दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। खरसिया और आसपास के कई क्षेत्रों से लोग माता के दर्शन के लिए आए। सुबह से मंदिर परिसर भक्तों से खचाखच भरा रहा और हर जगह भक्ति का माहौल महसूस किया गया।
भक्तिमय वातावरण मंदिर में सुबह से ही पूजा‑पाठ, आरती और भजन‑कीर्तन का क्रम जारी रहा। श्रद्धालु माता को चुनरी चढ़ाते, प्रसाद ग्रहण करते और परिवार के साथ भक्ति में लीन रहे। बुजुर्ग, बच्चे और महिलाएं सभी माता के दर्शन करने के लिए कतारों में लगे रहे। कुछ श्रद्धालुओं ने बताया कि माता के दर्शन के लिए वे हर साल दूर-दूर से आते हैं, और आज का अनुभव अत्यंत सुखद रहा।
पुलिस और प्रशासन की सहयोगी व्यवस्था मंदिर के आसपास पुलिस की प्रभावी व्यवस्था रही। वाहनों की पार्किंग, भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग, मार्गदर्शन और पेट्रोलिंग की गई। श्रद्धालुओं ने पुलिस की भूमिका की खुले तौर पर सराहना की। पुलिस ने हर जगह मददगार और सहयोगी रूप में कार्य किया, जिससे बुजुर्ग और बच्चों के लिए दर्शन आसान बने। कई लोगों ने कहा कि पुलिस का सहयोग देखकर उन्हे और सुरक्षित महसूस हुआ।
बाजार और स्थानीय रौनक मंदिर के बाहर पूजा‑सामान, चुनरी, फूल‑माला, दीपक‑अगरबत्ती, खिलौने और खाने‑पीने के स्टॉलों में भीड़ रही। स्थानीय फ़ूड स्टॉलों पर समोसा, चाय, ठेठ स्थानीय पकवान और शर्बत की बिक्री अच्छी रही। स्थानीय दुकानदारों ने कहा कि माता के दर्शन और उत्सव के अवसर पर व्यापार में हमेशा रौनक रहती है और इस बार भी काफी अच्छा रहा।
भक्तों की प्रतिक्रिया माँ की कृपा से दर्शन सुखद रहे, और पुलिस ने मदद करके अनुभव को और आसान बनाया।”“हम खरसिया से आए हैं; इतनी व्यवस्था देखकर बहुत अच्छा लगा। माता का आशीर्वाद सब पर बना रहे।” श्रद्धालुओं ने साझा किया।
सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व
अड़भार का अष्टभुजी मंदिर धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। मंदिर का प्राचीन स्थापत्य और मूर्ति दर्शनीय है। यह मंदिर दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आस्था और विश्वास का केंद्र बना हुआ है।
–संक्षेप में:आज अड़भार अष्टभुजी मंदिर में सातवें दिन भक्तों की भारी भीड़ रही। दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन किए और पूजा‑पाठ का आनंद लिया। पुलिस और प्रशासन की सहयोगी और व्यवस्थित व्यवस्था ने सभी को सुरक्षित और सुगम दर्शन का अनुभव दिया। मंदिर के बाहर स्टॉलों और बाजारों में रौनक भी बनी रही, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय और उत्सवपूर्ण रहा।
















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