माओवादी संगठन को फिर लगा बड़ा झटका — दो शीर्ष नक्सली नेताओं ने किया आत्मसमर्पण
तेलांगना, 28 अक्टूबर।तेलंगाना में माओवादी संगठन को उस समय बड़ा झटका लगा जब संगठन के दो कुख्यात लीडर — सीसीएम पल्लूरी प्रसाद राव उर्फ चंद्रन्ना और एससीएम बंदी प्रकाश ने आत्मसमर्पण कर दिया। दोनों ने तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक शिवधर रेड्डी के समक्ष आत्मसमर्पण किया।
डीजीपी शिवधर रेड्डी ने दोनों नक्सली नेताओं का मुख्यधारा में स्वागत करते हुए उन्हें पुनर्वास राशि के रूप में चेक प्रदान किए और समाज की मुख्यधारा में लौटने के इस कदम का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि सरकार की पुनर्वास नीति का उद्देश्य उन सभी लोगों को समाज की मुख्यधारा में जोड़ना है, जिन्होंने कभी भ्रमवश हिंसा का रास्ता चुना था।
जानकारी के अनुसार, पल्लूरी प्रसाद राव उर्फ चंद्रन्ना और बंदी प्रकाश दोनों ही मूल रूप से तेलंगाना राज्य के निवासी हैं और लगभग 45 वर्षों से माओवादी संगठन से जुड़े हुए थे। इन दोनों का संगठन में बेहद प्रभावशाली स्थान था।चंद्रन्ना लंबे समय तक माओवादी संगठन में सेंट्रल कमेटी मेंबर (CCM) के रूप में सक्रिय रहे, जबकि बंदी प्रकाश स्टेट कमेटी मेंबर (SCM) के पद पर संगठन के संचालन में शामिल थे।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, बीते कुछ समय से दोनों ही नेताओं की सेहत गिर रही थी और सुरक्षा बलों के लगातार अभियानों ने उन्हें आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित किया।सरकार की मुख्यधारा में लौटने और सम्मानजनक जीवन जीने की नीति का लाभ उठाते हुए दोनों नेताओं ने अब हथियार छोड़ने का फैसला किया है।
डीजीपी शिवधर रेड्डी ने कहा —> “हिंसा से किसी का भला नहीं होता। समाज की शांति और विकास ही सच्चा रास्ता है। सरकार उन सभी लोगों का स्वागत करती है जो सुधार का मार्ग अपनाना चाहते हैं।”सूत्रों का कहना है कि आत्मसमर्पण करने वाले इन दोनों शीर्ष नेताओं के बाद माओवादी संगठन की तेलंगाना इकाई को बड़ा झटका लगा है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि आने वाले समय में संगठन के कई अन्य सदस्य भी आत्मसमर्पण की राह पर चल सकते हैं।













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