ग्राम दर्रामुड़ा के युवाओं की अमरकंटक यात्रा अविस्मरणीय

*ग्राम दर्रामुड़ा के युवाओं की अमरकंटक यात्रा अविस्मरणीय

गिरीश राठिया ने कहा, “आस्था और प्रकृति ने दी नई ऊर्जा”

**रायगढ़/खरसिया, 06 नवंबर, 2025, गुरुवार।*छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के खरसिया विकासखंड के ग्राम दर्रामुड़ा के युवाओं ने मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में स्थित पवित्र तीर्थ स्थल अमरकंटक की सफल और प्रेरणादायक यात्रा पूरी की। धर्म, आस्था और नैसर्गिक सौंदर्य से परिपूर्ण इस यात्रा में युवा दल ने मां नर्मदा के उद्गम स्थल से लेकर मनोरम प्राकृतिक झरनों तक के दर्शन किए और एक नई ऊर्जा के साथ वापस लौटे।

युवा दल में गिरीश राठिया, महेश्वर पटेल, हितेश पटेल, प्रदीप वैष्णव, झकेश्वर पटेल, चिरंजीव वैष्णव, चंद्रशेखर निषाद सहित अन्य सदस्य शामिल थे, जिन्होंने संगठित होकर इस आध्यात्मिक और रोमांचक यात्रा को यादगार बनाया।युवाओं ने अमरकंटक पहुंचकर सर्वप्रथम दुर्गाधारा में पवित्र स्नान किया और दुर्गा माता की पूजा-अर्चना की।

इसके बाद, उन्होंने प्रकृति के अद्भुत नजारों को समेटे हुए कपिल धारा और दुध धारा जलप्रपातों का दीदार किया, जिनकी कल-कल ध्वनि ने मन को शांति प्रदान की। यात्रा का मुख्य केंद्र मां नर्मदा मंदिर और उद्गम स्थल रहा, जहां युवाओं ने पवित्र कुंड और मंदिर में मां नर्मदा के दर्शन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके साथ ही, उन्होंने प्राचीन मंदिर समूह, आध्यात्मिक महत्व के यंत्र मंदिर, सोन नदी के उद्गम स्थल सोन मुड़ा, मां नर्मदा के बचपन का स्थान कहे जाने वाले माई की बगिया, विशाल और भव्य जैन मंदिर, शांत रामघाट, मनोरम दृश्य प्रस्तुत करने वाले सन राइज पाइंट, जालेश्वर नदी उद्गम, अमरेश्वर मंदिर और आधुनिक आकर्षण ग्लास ब्रिज जैसे महत्वपूर्ण और दर्शनीय स्थलों का भी भ्रमण किया।अमरकंटक की यात्रा पूरी करने के बाद युवाओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, “हम सभी मित्रों ने मिलकर यह यात्रा तय की थी और यह हमारे लिए अत्यंत सकारात्मक और अविस्मरणीय रही।

अमरकंटक सिर्फ एक तीर्थस्थल नहीं, बल्कि प्रकृति और अध्यात्म का वह मिलन स्थल है जो मन को शांति और जीवन को नई दिशा देता है। मां नर्मदा के उद्गम स्थल पर पहुंचकर जो ऊर्जा और सकारात्मकता मिली है, वह हमें अपने जीवन के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए प्रेरित करेगी। इतने सारे दर्शनीय स्थलों को एक साथ देखने का अनुभव शानदार रहा, खासकर प्राचीन मंदिरों की वास्तुकला और झरनों की सुंदरता मंत्रमुग्ध कर देने वाली थी। हमारा मानना है कि हर युवा को एक बार इस पवित्र और मनोरम स्थल की यात्रा जरूर करनी चाहिए ताकि वह अपनी संस्कृति और प्रकृति से जुड़ सके।” युवाओं ने बताया कि इस यात्रा ने न सिर्फ उनकी धार्मिक आस्था को मजबूत किया है, बल्कि उन्हें एक-दूसरे के साथ बेहतर तालमेल बैठाने और एक टीम के रूप में काम करने का भी मौका दिया। वे सभी अब नई उमंग और सकारात्मक सोच के साथ वापस अपने कार्यों में जुट गए हैं।

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