🌾 रायगढ़ में धान खरीदी 15 नवंबर से शुरू – प्रशासन ने तैयारियों को दिया अंतिम रूप
रायगढ़, 14 नवम्बर 2025।जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का इंतज़ार खत्म होने जा रहा है। 15 नवंबर से जिले के सभी उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगी, जो 31 जनवरी 2026 तक जारी रहेगी। किसानों को प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान बेचने की अनुमति मिलेगी।
तैयारियों का जायजा लेने कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी और पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल स्वयं ग्राउंड पर उतरे और धनागर-कोतरा एवं कोड़ातराई केंद्रों का निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने केंद्रों में साफ-सफाई, पेयजल, बिजली, छाया, वजन मशीन, आर्द्रता मापी, बारदाना, तारपोलिन, सुरक्षा प्रबंध और नाली व्यवस्था जैसी सुविधाओं की बारीकी से जांच की।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि “किसान को धान बेचने में किसी भी तरह की परेशानी न हो… उनकी सुविधा ही हमारी पहली प्राथमिकता है।”अपर कलेक्टर अपूर्व प्रियेश टोप्पो ने बताया कि विभागीय कर्मचारियों को खरीदी व्यवस्था से जुड़े सभी बिंदुओं पर प्रशिक्षण दे दिया गया है। साथ ही हर केंद्र पर जिला स्तरीय अधिकारियों की ड्यूटी भी लगाई गई है, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और व्यवस्थित रहे।
कुल 105 उपार्जन केंद्रों में होगी खरीदी जिले की 69 समितियों के माध्यम से 105 केंद्रों में धान खरीदा जाएगा।
विकासखंडवार स्थिति इस प्रकार है—पुसौर : 22खरसिया : 22धरमजयगढ़ : 16लैलूंगा : 12घरघोड़ा : 8रायगढ़ : 16तमनार : 9इनमें 15 केंद्र संवेदनशील और 4 केंद्र अति संवेदनशील श्रेणी में रखे गए हैं।
अवैध धान की आवाजाही रोकने 24 अंतर्राज्यीय व आंतरिक चेकपोस्ट बनाए गए हैं, जहां 24 घंटे तीन पालियों में टीमें तैनात रहेंगी।
➡ ‘तुंहर टोकन’ ऐप से मिलेंगे टोकन धान खरीदी को डिजिटल और पारदर्शी बनाने के लिए इस वर्ष भी तुंहर टोकन मोबाइल ऐप से टोकन जारी होंगे।
ऐप पर सुबह 8 बजे से टोकन उपलब्ध होंगे सोसायटी संचालक 9:30 बजे से जारी कर सकेंगेटोकन 7 खरीदी दिवस तक मान्य रहेंगे छोटे किसानों को अधिकतम 2 टोकन, बड़े किसानों को 3 टोकन दिए जाएंगेआधार आधारित OTP सत्यापन अनिवार्य, ताकि बिना किसान की अनुमति टोकन जारी न हो सके
➡ ऋण पुस्तिका लाने की अनिवार्यता खत्म किसानों को अब उपार्जन केंद्र में ऋण पुस्तिका साथ लाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। एग्रीस्टेक पोर्टल से किसानों का डेटा सीधे जुड़ा होने के कारण पहचान और पात्रता स्वतः सत्यापित हो जाएगी। धान बेचने की राशि सीधे डिजिटल माध्यम से किसानों के खातों में भेजी जाएगी।
➡ शिकायतों के लिए टोल फ्री नंबर धान उपार्जन व मिलिंग से जुड़ी शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए खाद्य विभाग ने 1800-233-3663 टोल फ्री नंबर जारी किया है। सभी शिकायतों का निपटारा 3 दिनों के भीतर किया जाएगा।

















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