संविधान की सीमा में लाया गया कवि सम्मेलन, SSP रजनेश सिंह के निर्देश पर बिलासपुर पुलिस की सख़्त कार्रवाई
बिलासपुर।सार्वजनिक स्थान पर प्रस्तावित एक कवि सम्मेलन को लेकर उठे संवैधानिक सवालों पर बिलासपुर पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए स्थिति को स्पष्ट और संतुलित किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह (IPS) के निर्देश पर आयोजनकर्ताओं से जवाब-तलब किया गया, जिसके बाद कार्यक्रम से जुड़ी आपत्तिजनक भाषा और एकपक्षीय विज्ञापनों को हटाया गया।
मामला सामने आने के बाद पुलिस ने यह स्पष्ट किया कि भारत का संविधान किसी भी सार्वजनिक आयोजन को “सिर्फ़ एक धर्म के लिए” सीमित करने की अनुमति नहीं देता।
इसी संवैधानिक भावना के तहत आयोजक द्वारा नॉन-ज्यूडिशियल स्टाम्प पर शपथ-पत्र प्रस्तुत किया गया, जिसमें यह लिखित आश्वासन दिया गया कि कार्यक्रम में किसी भी धर्म या समुदाय के खिलाफ कोई वक्तव्य नहीं दिया जाएगा और किसी को भी कार्यक्रम में शामिल होने से रोका नहीं जाएगा।शपथ-पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि कार्यक्रम का उद्देश्य धार्मिक जागरूकता तक सीमित रहेगा, किसी प्रकार की घृणा, भेदभाव या असंवैधानिक टिप्पणी नहीं की जाएगी। साथ ही, पहले जारी किए गए ऐसे सभी प्रचार-सामग्री, जिनमें “केवल एक धर्म” का उल्लेख था, उन्हें तुरंत वापस ले लिया गया है।
बिलासपुर पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था, सामाजिक सौहार्द और संविधान सर्वोपरि हैं। SSP रजनेश सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने यह संदेश साफ़ किया है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता संविधान के दायरे में ही स्वीकार्य है, उससे बाहर नहीं।














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