आजादी के 75 साल बाद भी ‘नर्क’ जैसी जिंदगी: सक्ती में सड़क नहीं होने से कंधे पर शव लेकर कीचड़ और नदी पार करने को मजबूर हुए ग्रामीण
जिला मुख्यालय से महज 1 किमी दूर ग्राम सोंठी की दर्दनाक तस्वीर, वर्षों से लंबित है सड़क निर्माण का प्रस्ताव; विकास के दावों पर उठे सवाल

सक्ती प्रदेश में सुशासन और विकास के दावों के बीच सक्ती जिला मुख्यालय से महज एक किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत सोंठी से ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने सरकारी व्यवस्थाओं और ग्रामीण बुनियादी सुविधाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सड़क नहीं होने के कारण ग्रामीणों को एक वृद्ध महिला के शव को अंतिम संस्कार के लिए करीब एक किलोमीटर तक कंधों पर उठाकर कीचड़, दलदल और बोराई नदी पार करनी पड़ी।
जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत सोंठी निवासी करीब 60 वर्षीय कमलाबाई महंत का गुरुवार को बीमारी के चलते निधन हो गया। शुक्रवार सुबह परिजन और ग्रामीण अंतिम संस्कार के लिए शव लेकर निकले, लेकिन गांव से श्मशान तक जाने वाला रास्ता हालिया बारिश के बाद पूरी तरह कीचड़ और पानी से भर चुका था। मार्ग इतना खराब था कि वहां किसी वाहन या एम्बुलेंस का पहुंचना तो दूर, पैदल चलना भी मुश्किल हो गया।
मजबूरी में ग्रामीणों ने शव को कंधों पर उठाया और करीब एक किलोमीटर तक कीचड़ भरे रास्ते से पैदल चले। इसके बाद बोराई नदी को पैदल पार कर किसी तरह श्मशान घाट पहुंचे और अंतिम संस्कार किया। इस दौरान मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। यह दृश्य इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।

ग्रामीणों का कहना है कि रेलवे फाटक से बोराई नदी तक लगभग एक किलोमीटर सड़क निर्माण की मांग कई वर्षों से की जा रही है। ग्राम पंचायत ने मनरेगा के तहत सड़क निर्माण का प्रस्ताव जनपद पंचायत को भेजा था, लेकिन आज तक उसे स्वीकृति नहीं मिली। हर वर्ष बारिश के मौसम में यही स्थिति बनती है और गांव का संपर्क प्रभावित हो जाता है।
घटना के बाद ग्रामीणों में जिला पंचायत और जनपद पंचायत के प्रति नाराजगी है। उनका कहना है कि हल्की बारिश होते ही यह मार्ग पूरी तरह बंद हो जाता है, जिससे अंतिम संस्कार जैसे संवेदनशील कार्य भी बेहद कठिन हो जाते हैं।
ग्राम पंचायत सोंठी के सचिव रामनारायण सिदार ने बताया कि मनरेगा के तहत मिट्टी सड़क निर्माण का प्रस्ताव जनपद पंचायत में जमा किया जा चुका है।

वहीं जिला पंचायत सीईओ वासु जैन ने कहा कि यदि ऐसा मामला है तो पहले पूरी जानकारी लेने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।
बड़ा सवाल
जब जिला मुख्यालय से महज एक किलोमीटर दूर बसे गांव में आज भी ग्रामीणों को सड़क के अभाव में अपने परिजनों का शव कंधों पर उठाकर कीचड़ और नदी पार करनी पड़ रही है, तो यह केवल एक गांव की समस्या नहीं बल्कि ग्रामीण विकास की जमीनी हकीकत है। यह घटना विकास और सुशासन के दावों के बीच मौजूद उस खाई को उजागर करती है, जहां आज भी कई गांव बुनियादी सुविधाओं का इंतजार कर रहे हैं।

NKB National News प्रस्तुत करता है
🌆 सिटी हलचल 🌆
अब आपकी आवाज़, आपकी खबर
अगर आपके शहर में कोई हलचल, घटना, समस्या या खास जानकारी है
तो आप उसे वीडियो या सूचना के रूप में हमें भेज सकते हैं।
📩 आपकी भेजी गई सामग्री
नियमों के अनुसार और सत्यापन के बाद
हमारे मंच पर प्रकाशित की जाएगी।
“हर शहर की खबर, अब आपकी नजर से”
NKB नेशनल न्यूज – सच्चाई के साथ


















Leave a Reply