गोंडा रसोई’ – गरीबों के स्वाभिमान और भूख दोनों का समाधान

‘गोंडा रसोई’ – गरीबों के स्वाभिमान और भूख दोनों का समाधान

गोंडा, उत्तर प्रदेश:
गरीबी और भुखमरी जैसी समस्याएं आज भी समाज के कमजोर तबके के लिए एक बड़ी चुनौती हैं। ऐसे में ‘गोंडा रसोई’ नामक पहल गरीबों को 24 घंटे भरपेट भोजन मात्र 10 रुपये में उपलब्ध करा रही है। इस सराहनीय प्रयास के पीछे हैं पियूष पांडे , जो हार्दिक फाउंडेशन के संस्थापक और अध्यक्ष हैं।

इस रसोई की खास बात यह है कि यहाँ भोजन निशुल्क नहीं, बल्कि 10 रुपये में दिया जाता है। इसका उद्देश्य भी बहुत भावुक और विचारशील है – “10 रुपये लेने का मकसद है कि स्वाभिमान के साथ हर कोई खाना खा सके।”

यह सेवा उन लोगों के लिए है जो भूखे हैं, पर हाथ फैलाना नहीं चाहते। इस रसोई में स्वाभिमान को ठेस पहुँचाए बिना भरपेट भोजन उपलब्ध कराया जाता है – वह भी दिन-रात, बिना रुके।

पियूष पांडे का यह प्रयास समाज के लिए एक उदाहरण बन चुका है। उन्होंने दिखा दिया कि अगर नीयत साफ हो और सेवा का जज़्बा हो, तो कम संसाधनों में भी बड़ी से बड़ी मदद की जा सकती है।

हार्दिक फाउंडेशन का संदेश:

“भूखे को रोटी देना सबसे बड़ा धर्म है, और स्वाभिमान के साथ देना सबसे बड़ी इंसानियत।”

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