🕯️ ग्वालियर अपोलो अस्पताल में डॉक्टरों की लापरवाही से बी. डी. वर्मा की संदिग्ध मौत, परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
✍️ रिपोर्ट: Pooja Jaiswal | NKB National News | स्थान: छतरपुर
छतरपुर, 3 जुलाई 2025 —
ग्वालियर के अपोलो अस्पताल में इलाज के दौरान छतरपुर निवासी बी. डी. वर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस घटना ने पूरे इलाके में गहरी पीड़ा और आक्रोश फैला दिया है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि यह मृत्यु डॉक्टरों की घोर लापरवाही और अमानवीयता का परिणाम है।
स्वर्गीय बी. डी. वर्मा, जो आकाशवाणी छतरपुर में बड़े बाबू के पद से सेवानिवृत्त हुए थे, का 2 जुलाई (बुधवार) को इलाज के दौरान निधन हुआ। परिजनों ने बताया कि वे लंबे समय से सांस की बीमारी से पीड़ित थे और इलाज के लिए उन्हें ग्वालियर के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
लेकिन परिवारजनों का दावा है कि अस्पताल प्रशासन ने इलाज के दौरान न केवल लापरवाही बरती, बल्कि उन्हें भोजन तक नहीं दिया गया। वर्मा जी की हालत इतनी खराब हो गई थी कि उन्होंने अपनी बाईं हथेली पर लिखा — “भूख लगी है, खाना दो” और रो-रोकर डॉक्टरों से भोजन की गुहार लगाते रहे, लेकिन किसी ने उनकी पुकार नहीं सुनी।
उनके छोटे पुत्र शैलेन्द्र वर्मा ने बेहद दुख के साथ कहा:
> “मेरे पिताजी की मौत भूख और इलाज की उपेक्षा से हुई है। डॉक्टरों ने जानबूझकर उन्हें खाना नहीं दिया। ये केवल लापरवाही नहीं, हत्या जैसी क्रूरता है।”
उनकी पार्थिव देह को उनके गृह नगर छतरपुर लाया गया, जहां महोबा रोड स्थित मुक्तिधाम में हिंदू वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार अंतिम संस्कार संपन्न हुआ। सैकड़ों की संख्या में समाजजन, स्वजन और शुभचिंतक अंतिम दर्शन को पहुंचे और नम आंखों से “राम नाम सत्य है” का उच्चारण करते हुए विदाई दी।
इस दुखद अवसर पर अखिल भारतीय कोरी-कोली समाज शाखा, छतरपुर के जिलाध्यक्ष अरविंद अनुरागी ने शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाते हुए कहा:
> “वर्मा जी जैसे कर्मठ, निष्ठावान और समाजसेवी व्यक्ति का योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। समाज उन्हें सदा याद रखेगा।”
NKB National News दिवंगत आत्मा को सादर श्रद्धांजलि अर्पित करता है और भगवान गौतम बुद्ध से प्रार्थना करता है कि उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान दें एवं शोक संतप्त परिवार को यह अपार दुःख सहने की शक्ति दें।
ॐ शांति शांति शांति।
















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