
भोपाल/अनूपपुर। संवाददाता – अरविंद अनुरागी
डिजिटल इंडिया की दिशा में मध्यप्रदेश सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री श्री दिलीप अहिरवार और कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दिलीप जायसवाल ने आज अनूपपुर जिले के मॉडल स्कूल कोतमा परिसर में आयोजित “अमृत हरित महाभियान” के दौरान जिले के 84 शासकीय स्कूलों में 264 डिजिटल स्मार्ट क्लासेस का विधिवत शुभारंभ किया।
ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को मिलेगा डिजिटल सपोर्ट और भविष्य की तैयारी
इस नवाचार के तहत शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय कोतमा को केंद्र बनाकर एक डिजिटल शिक्षण मॉडल तैयार किया गया है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण एवं दूरस्थ अंचलों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और तकनीकी संसाधनों से जोड़ना है।
जेईई और नीट की निःशुल्क कोचिंग: अब गांवों से निकलेंगे डॉक्टर और इंजीनियर
सरकार की इस योजना के अंतर्गत विद्यार्थियों को जेईई और नीट जैसी राष्ट्रीय प्रतियोगी परीक्षाओं की मुफ्त तैयारी कराई जाएगी, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मेधावी छात्रों को भी बराबरी का अवसर मिलेगा।
मंत्रियों ने कहा कि डिजिटल क्लासेस के माध्यम से छात्र न केवल पाठ्यक्रम की सामग्री से जुड़ेंगे, बल्कि अनुभवी शिक्षकों द्वारा ऑनलाइन गाइडेंस भी प्राप्त करेंगे।
छात्रों और अभिभावकों में उत्साह की लहर
इस योजना को लेकर पूरे जिले में उत्साह का माहौल है। अभिभावकों ने मध्यप्रदेश सरकार की इस पहल की जमकर सराहना की है और उम्मीद जताई है कि इससे उनके बच्चों का भविष्य संवर सकेगा।
“डिजिटल शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी अब गांव-गांव तक पहुँचेगी, यही है आत्मनिर्भर भारत की असली तस्वीर।”
– श्री दिलीप अहिरवार, वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री, म.प्र. शासन
🔷 यह पहल न केवल डिजिटल शिक्षा की दिशा में क्रांति है, बल्कि यह ग्रामीण भारत के विद्यार्थियों के लिए एक सुनहरा अवसर भी है।
मध्यप्रदेश सरकार का यह कदम निश्चित ही अन्य राज्यों के लिए मिसाल बन सकता है।














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