🟩 आईटीबीपी का 18वां स्थापना दिवस: कोण्डागांव में देशभक्ति की गरिमा के साथ मनाया गया समारोह

📍 कोण्डागांव, 9 जुलाई —
सीमा की सुरक्षा से लेकर समाज सेवा तक, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) अपने अदम्य साहस, अनुशासन और समर्पण के लिए जानी जाती है। आज जब कोण्डागांव की धरती पर आईटीबीपी के 18वें स्थापना दिवस का आयोजन हुआ, तो न केवल जवानों की कर्तव्यनिष्ठा झलकी, बल्कि नागरिकों के दिलों में गर्व और विश्वास की भावना भी गहराई से उभरी।
🔶 भव्य ध्वजारोहण और प्रेरणादायक संदेश
इस विशेष अवसर पर ध्वजारोहण की रस्म डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (डीआईजी) श्री संजीव रोलबा द्वारा पूरे सम्मान के साथ अदा की गई। उन्होंने जवानों को संबोधित करते हुए आईटीबीपी की वीरगाथा और सेवा भावना को नमन किया। उनका कहना था कि माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में बल की तैनाती ने ग्रामीणों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ाया है, और आज आईटीबीपी सिर्फ एक बल नहीं बल्कि एक रक्षक की भावना बन चुकी है।
🔷 जनहित और समाज सेवा में अग्रणी
डीआईजी रोलबा ने यह भी बताया कि आईटीबीपी न सिर्फ सीमाओं की प्रहरी है, बल्कि समाज के साथ खड़ी एक संवेदनशील शक्ति भी है। मेडिकल कैम्प, स्कूलों में सहयोग, खेल प्रतियोगिताएं, आपदा राहत कार्य — ये सब बल की जनसेवा के संकल्प को दर्शाते हैं।
🎉 उत्सव में उमड़ा उत्साह
स्थापना दिवस पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों और सामूहिक भोज में जवानों, उनके परिवारों और नागरिकों ने दिल से भाग लिया। पूरे वातावरण में देशभक्ति, एकता और गर्व की भावना देखने को मिली। इसी तरह का कार्यक्रम ओडिशा के क्षेत्रीय मुख्यालय खोर्द्धा में भी मनाया गया।
💬 एक संदेश, जो हर भारतीय को गौरव दे
इस आयोजन ने यह सिद्ध किया कि जब तक ऐसे अनुशासित और समर्पित बल देश की सेवा में हैं, तब तक भारत की सीमाएं भी अडिग हैं और जनता का विश्वास भी अचल। आईटीबीपी का यह 18वां स्थापना दिवस हर भारतीय के लिए एक प्रेरणा है — सेवा, समर्पण और साहस का प्रतीक।















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