–केशकाल पुलिस का बड़ा जागरूकता अभियान — बच्चों को सिखाया सुरक्षा, साइबर सेफ्टी और ट्रैफिक नियमों का पाठ
केशकाल, जिला कोंडागांव | 19 जुलाई 2025 केशकाल थाना पुलिस ने आज गिरिदीप हाई स्कूल डीहीपारा में एक खास अभियान चलाते हुए करीब 400 छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को जागरूक किया। इस अभियान का मकसद था—बच्चों को न सिर्फ सुरक्षित भविष्य के लिए तैयार करना बल्कि साइबर क्राइम, महिला सुरक्षा, नशा मुक्ति, बाल अपराध और यातायात नियमों की पूरी समझ देना।यह जागरूकता कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक अक्षय कुमार के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कौशलेंद्र देव पटेल व एसडीओपी अरुण नेताम के मार्गदर्शन में और थाना प्रभारी ज्ञानेन्द्र सिंह चौहान के नेतृत्व में आयोजित किया गया।
🔹 बच्चों को सिखाया “गुड टच-बैड टच“, साइबर सेफ्टी और हेल्पलाइन नंबर्सकार्यक्रम का संचालन कर रहे उप निरीक्षक अखिलेश धीवर ने बच्चों को बताया कि कैसे गुड टच और बैड टच की पहचान की जाए, किसी भी गलत हरकत की जानकारी विश्वासपात्र वयस्क या पुलिस को तुरंत दी जाए।साथ ही महिला अपराधों, बाल अपराधों, बाल विवाह, अभिव्यक्ति एप के महत्व, और 1930 साइबर ठगी हेल्पलाइन नंबर जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां भी साझा की गईं।उन्होंने साइबर क्राइम के खतरों को भी विस्तार से समझाया—जैसे अनजान व्यक्ति से ओटीपी शेयर न करना, लॉटरी या नौकरी के झांसे से बचना, वॉट्सएप या वीडियो कॉल्स से सतर्क रहना और ठगी होने पर तत्काल रिपोर्ट करना।
🔸 सड़क सुरक्षा पर भी फोकस: तेज रफ्तार और लापरवाही नहीं, समझदारी जरूरीकार्यक्रम में बच्चों को सड़क सुरक्षा से जुड़े अहम बिंदुओं की भी जानकारी दी गई—जैसे ड्राइविंग लाइसेंस, आरसी, इंश्योरेंस, पॉल्यूशन सर्टिफिकेट और परमिट की आवश्यकता।बाइक चलाते वक्त हेलमेट और गाड़ी चलाते समय सीट बेल्ट पहनने की अहमियत बताई गई। साथ ही बताया गया कि तेज रफ्तार, नशा कर वाहन चलाना और मोबाइल का इस्तेमाल दुर्घटनाओं की बड़ी वजह है।
👥 पुलिस और शिक्षकों की संयुक्त पहल
इस कार्यक्रम में स्कूल प्राचार्य फादर टोमिक मैथ्यू, शिक्षकों में सेल्बी, सरिता, मैरी, भारती, रश्मि, सुमन, वृंदा, संजीत, मोनिका, संध्या, हेमंत, ममता जेकब, अनुपमा सहित पूरा स्टाफ मौजूद रहा।पुलिस विभाग से सहा. उपनिरीक्षक निहार मंडल, प्रधान आरक्षक अरुण मंडावी, महिला प्रधान आरक्षक माधुरी रावतें समेत अन्य पुलिसकर्मी भी उपस्थित रहे।—
✅ छोटे कदम, बड़ा असर



केशकाल पुलिस का यह प्रयास न केवल बच्चों के लिए एक सीख था, बल्कि समाज में जागरूकता की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल भी। ऐसी पहलों से ही एक सुरक्षित और समझदार पीढ़ी का निर्माण संभव है।-








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