-“पाखर पौधा पिता परमेश्वर के नाम” अभियान के तहत वृक्षारोपण कार्यक्रम का भव्य आयोजन, पर्यावरण संरक्षण को मिला नया आयाम
गौरिहार, छतरपुर | 07 अगस्त 2025, शाम 4 बजे
अखिल भारतीय कोरी कोली समाज शाखा छतरपुर के बैनर तले “एक पेड़ मां के नाम – पाखर पौधा पिता परमेश्वर के नाम” अभियान के अंतर्गत पर्यावरण संरक्षण का संदेश लेकर एक विशेष वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।यह प्रेरणादायी पहल माननीय श्री कुंवर जी भाई बावलिया, कैबिनेट मंत्री जल संसाधन मंत्रालय, गुजरात सरकार एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष, अखिल भारतीय कोरी कोली समाज (रजि.) नई दिल्ली के मार्गदर्शन में और प्रांतीय अध्यक्ष श्री अर्जुन शाक्यवार व प्रदेश महामंत्री श्री आनंद वर्मा के नेतृत्व में चल रही है। यह अभियान भारत सरकार की मंशा अनुसार गांव-गांव में पर्यावरण संरक्षण को समर्पित है।कार्यक्रम गौरिहार के एस.डी.एम. कार्यालय परिसर में आयोजित हुआ, जहां अरविंद अनुरागी की पहल पर अनुविभागीय राजस्व अधिकारी श्री बलवीर रमन एवं गौरिहार तहसीलदार श्री आकाश नीरज की गरिमामयी उपस्थिति में पौधारोपण कर मध्यप्रदेश सरकार को गौरवान्वित किया गया।इस महत्वपूर्ण आयोजन में समाज के कई पदाधिकारी व प्रतिनिधियों ने सक्रिय भूमिका निभाई, जिनमें प्रमुख रूप से अरविंद अनुरागी (जिला अध्यक्ष, कोरी कोली समाज, छतरपुर), बाबूलाल अनुरागी मनुरिया (चंदला विधानसभा अध्यक्ष), ग्राम प्रधान श्री गनपत अनुरागी (मनुरिया), श्री सुखलाल अनुरागी (मालपुर), श्री रमेश शाह (दाताजी बहादुरपुर), बबलू अनुरागी, सुरेश अनुरागी, अंतू भैया जी, रामेश्वर अनुरागी, रामबहोरी साहू (घूर), दीपक कुशवाहा (बराहा), तथा श्री ध्यानचंद जी मनुरिया प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के पश्चात श्री अरविंद अनुरागी ने गौरिहार तिगैला पहुंचकर युवाओं को पर्यावरण बचाने का संदेश देते हुए पाखर पौधों का निःशुल्क वितरण किया और आने वाले रक्षाबंधन पर्व की शुभकामनाएं देते हुए आग्रह किया कि हर बहन के सम्मान में एक पाखर पौधा अवश्य लगाएं।क्षेत्र के युवाओं ने इस अनूठी पहल को सराहा और अभियान को आगे बढ़ाने में सक्रिय भागीदारी दिखाई।कार्यक्रम के समापन पर एस.डी.एम. श्री बलवीर रमन एवं तहसीलदार श्री आकाश नीरज जी को गुलाब पुष्प एवं जाम्बू (अमरूद) फल भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं पर चर्चा भी की गई, जिसे उपस्थित स्वजातीय बंधुओं ने उत्साहपूर्वक सुना और सराहा
















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