नाबालिग बच्चों को बाइक–कार देने का चलन: हादसे बढ़ रहे हैं और ज़िम्मेदार कौन ?

नाबालिग बच्चों को बाइक–कार देने का चलन: हादसे बढ़ रहे हैं और ज़िम्मेदार कौन ?

आज सड़क पर बढ़ते एक्सिडेंट्स को लेकर हर कोई police पर उंगली उठाता दिखता है।लेकिन असल सच्चाई क्या है ?

क्या हादसों की ज़िम्मेदारी सिर्फ़ पुलिस की है?

नहीं! बिल्कुल नहीं।आजकल माता–पिता खुद अपने नाबालिग बच्चों को bike, scooty, car थमा देते हैं—और फिर जब कोई बड़ी दुर्घटना होती है, तो the blame पूरी तरह पुलिस पर डाल दिया जाता है।

ये trend खतरनाक है, गलत है, और समाज के लिए directly harmful है।

Modern बनने की होड़ और माता–पिता की लापरवाही

आज का दौर है “showoff parenting” का। कई माँ–बाप proudly कहते फिरते हैं “Mera beta superbiker hai”“Mera बच्चा stunt करता है, fearless है।”लेकिन जब वही fearless stunt एक सड़क हादसे का कारण बनता है,जब कोई innocent व्यक्ति घायल या dead हो जाता है,तभी समझ आता है कि ये ‘fearlessness’ असल में carelessness थी।

Parents को ये बात समझनी होगी कि:

नाबालिग ड्राइविंग crime है। ये सिर्फ hobby नहीं, एक moving danger है।तेज़ रफ्तार नशे जितनी ही खतरनाक है।और इस नशे की पहली dose अकसर parents ही देते हैं।

Accident सिर्फ तेज़ चलाने वाले का नहीं होता… धीमे चलने वाला भी मारा जाता है ,सड़क पर चलने वाला हर व्यक्ति तेज़ गाड़ियों की वजह से खतरे में है

कोई धीरे चला रहा हो,फिर भी पीछे से आकर कोई “biker boy” उसे उड़ा देता है। बच्चे अचानक सड़क पर आ जाते हैं,और तेज़ चलती bikebrake हमेशा बचा नहीं पाती।रात के समय तेज़ bike का control बिगड़ना seconds की बात है।

फिर किसका कसूर ? सिर्फ पुलिस का ?

बिल्कुल नहीं

Police हर रोड पर, हर गली में, हर second मौजूद नहीं रह सकती।लेकिन माता–पिता अपने घरों में अपने बच्चों को रोकने का जिम्मा जरूर उठा सकते हैं—पर वही नहीं उठाते।

Oplus_16908288

Real बात: गलती सबसे ज़्यादा माता–पिता की है ये बात एकदम 100% सच है और जरूरी है कि लोग सुने:“अपनी गलतियाँ नहीं दिखती इनको…बच्चे bikers बनकर तेज़ सरपट stunt कर रहे हैं,और हादसे के बाद पूरा दोष police पर डाल देते हैं।

Parents इस बात को accept करने को ready ही नहीं होते कि उन्होंने ही बच्चे को bike दी,उन्होंने ही allow किया,उन्होंने ही encourage किया,और उन्होंने ही पहली गलती की।

आजकल तो हालत ये है कि जैसे कुछ लोग बच्चों को नशा दे देते हैं,वैसे ही कुछ माता–पिता तेज़ रफ़्तार की आदत दे रहे हैं…और नतीजा ? मौत

Yes एक्सिडेंट से बड़ी कोई सच्चाई नहीं

क्या चाहिए ? सख्ती या समझदारी ?

समाज को सिर्फ police से उम्मीद नहीं रखनी चाहिए,बल्कि खुद के घर से शुरुआत करनी चाहिए:नाबालिग बच्चे को vehicle की key न दें।Show-off videos, reels, stunts पर बच्चों को proud न कराएं।

Oplus_16908288

Helmet की importance सिखाएं,Road safety को मज़ाक न समझें।

Speed को heroism न बनाएं,और सबसे जरूरी

गलती police की नहीं, ज़िम्मेदारी आपकी भी है

Conclusion: नाबालिगों की ड्राइविंग कोई adventure नहीं, सीधी मौत का रास्ता है

Parents को समझना होगा—Your child is not a superhero.He’s a minor.He’s not trained.He’s not licensed.He’s not ready for the road.

अगर आप आज अपने बच्चे को तेज़ bike देकर खुश हो रहे हैं,तो कल किसी hospital के बाहर रो भी सकते हैं।हादसे सिर्फ headline नहीं होते ,हकीकत होते हैं, ज़िंदगीें छीन लेते हैं।

और इसलिए

Stop blaming police.Start taking responsibility

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!